गुरुवार का दिन भगवान विष्णु का दिन को समर्पित किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार यह दिन गुरू ग्रह का माना गया है। भगवान विष्णु जगत के पालनकर्ता हैं, इनकी कृपा से व्यक्ति के जीवन की सभी समस्याएं दूर होती हैं और सभी सुखों की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु जगत का पालक हैं उनकी कृपा से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है। तो चलिए जानते हैं गुरूवार के उपाय...
गुरूवार के दिन सुबह-सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर किसी विष्णु मंदिर में जाएं और उनके समक्ष धूप दीप प्रज्वलित करें। इसके बाद उन्हें पीले पुष्पों की माला, पीला चंदन, गंगा जल आदि अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के सामने वहीं पर बैठकर तुलसी की माला से 'ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 1008 बार जप करें। जप पूर्ण हो जाने पर विष्णु जी के नेत्रों में देखते हुए उनसे अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करें। इसके बाद किसी बात न करें और चुपचाप अपने घर वापस आ जाएं। इस उपाय को किसी भी गुरूवार से आरंभ होकर लगातार सात गुरूवार तक करें। इससे आपके सभी संकटों का निवारण होता है।
तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं इसलिए इन्हें हरिवल्लभा भी कहा जाता है। गुरूवार के दिन तुलसी के वृक्ष में दीपक जलाएं और पूजा करें। इससे आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और अचानक आने वाले संकट दूर होते हैं।
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भगवान कृष्ण
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शीघ्र विवाह एवं मनचाहे वर की प्राप्ति हेतु
भगवान कृष्ण भी विष्णु जी का अवतार हैं यदि किसी कन्या के विवाह में बाधा आ रही हो और योग्य वर नहीं मिल पा रहा हो, तो उन कन्याओं को गुरुवार के दिन भगवान कृष्ण और रुक्मिणी जी की एक साथ पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि इससे योग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। विवाह में आने वाली समस्याएं भी दूर होती हैं।