अप्रैल माह में बुध और सूर्य अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। इस महीने बुध दो बार अपनी राशि बदलेगा। दोनों ग्रहों के राशि परिवर्तन का प्रभाव हम सभी के ऊपर पड़ेगा। आइए जानते हैं, इस महीने होने वाले गोचर की तारीख और उनके प्रभाव।
अप्रैल माह में बुध और सूर्य का होगा गोचर, बुध दो बार बदलेगा अपनी राशि, जानें प्रभाव
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बुध का मीन राशि में गोचर
बुद्धि, चतुरता और संचार का कारक बुध ग्रह मीन राशि में 7 अप्रैल 2020 को गोचर करेगा। मीन गुरु की राशि है और बुध ग्रह इस राशि में नीच अवस्था में होता है। ज्योतिष के नियमानुसार, कोई भी ग्रह अपनी नीच राशि में पी़ड़ित, बलहीन या कमजोर होता है। ऐसी स्थिति में बुध ग्रह के फल बहुत ज्यादा सकारात्मक नहीं होंगे। मीन राशि के जातकों को इस दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान आपको दाद, खुजली जैसे चर्म रोग होने की संभावना रहेगी।
सूर्य ग्रह मेष राशि में 13 अप्रैल 2020 को प्रवेश करेगा। सूर्य के गोचर को संक्रांति के नाम से जाना जाता है। जब यह मेष राशि में प्रवेश करेगा तो इसे मेष संक्रांति कहा जाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य इस राशि से पुनः 12 राशियों में अपनी यात्रा को प्रारंभ करता है। इसलिए इसे सोलर नववर्ष भी कहते हैं। मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है और सूर्य इस राशि में उच्च का होता है। ज्योतिष नियम ये कहता है कि कोई भी ग्रह अपनी उच्च राशि में प्रबल या शक्तिशाली होता है। सूर्य के गोचर से मेष राशि के जातकों को बहुत अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। इस दौरान सरकार से सहयोग प्राप्त होगा। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा।
इसी महीने बुध एकबार फिर अपनी राशि बदलेगा। 25 अप्रैल 2020 को बुध ग्रह मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेगा। मेष राशि में पहले से ही उच्च अवस्था में सूर्य ग्रह बैठा हुआ है। बुध एक तटस्थ ग्रह है यह जिस भी ग्रह के साथ युति करता है उसी ग्रह के अनुसार ही फल देता है। मेष राशि में सूर्य प्रबल स्थिति में है। इसलिए यहां बुध का प्रभाव भी शुभ होगा। मेष राशि के जातकों को इससे अच्छे फलों की प्राप्ति होगी।