वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षो तक रहते हैं फिर दूसरी राशि में गोचर करते हैं, इसके अलावा शनिदेव समय-समय पर वक्री और मार्गी होते है जिसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। शनिदेव अभी कुंभ राशि में हैं और 30 जून को वक्री होने जा रहे हैं। शनि का वक्री होना सभी राशियों के जातकों के ऊपर अवश्य पड़ेगा। ऐसे में कुछ राशि वालों को अच्छा शुरू होने वाला है। इनको मान-सम्मान और धन-संपत्तियों में काफी इजाफा हो सकता है। आइए जानते हैं किन-किन राशियों को लाभ मिलेगा।
Shani Vakri: शनिदेव कुंभ राशि में चलेंगे उल्टी चाल, इन राशि वालों के करियर और कारोबार में होगी बढ़ोतरी
मिथुन राशि
शनि का वक्री होना मिथुन राशि वालों के लिए लाभदायक साबित होगा। शनिदेव आपकी राशि से नवम भाव में वक्री होने जा रहे हैं। आपको किस्मत का अच्छा साथ मिलेगा। नौकरीपेशा जातकों को नौकरी में बेहतर अवसरों की प्राप्ति होगी। करियर और कारोबार में अच्छी सफलता मिलेगी। धन लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। नौकरीपेशा जातकों को उनके कार्यक्षेत्र में कोई बड़ा पद हासिल हो सकता है, इसके अलावा वेतन में वृद्धि और प्रमोशन के योग भी बन रहे हैं। मान-सम्मान में इजाफा और भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा।
शनि का उल्टी चाल चलना तुला राशि के जातकों के लिए बहुत ही शुभ फलदायी सिद्ध साबित होगा। शनि देव आपकी कुंडली के पंचम भाव में वक्री होने जा रहे हैं। आपको धन लाभ की अच्छे योग बन रहे हैं। आपके अटके हुए काम जल्द पूरे होंगे। शत्रुओं की हार होगी। कोर्ट-कचहरी के मामले में आपकी जीत हासिल होगी। पारिवारिक जीवन में सुख-सुविधाओं का आनंद मिलेगा। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन और वेतन में बढ़ोतरी के योग हैं।
मेष राशि
शनिदेव का वक्री होना आपके लिए बहुत ही अनुकूल साबित हो सकता है। शनिदेव आपकी कुंडली के आय भाव में वक्री होने जा रहे हैं। आपकी आय में अच्छी बढ़ोत्तरी के संकेत हैं। भौतिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी। हर तरह की मनोकामनाएं पूरी होंगी। शनि का वक्री होना इस राशि के जातकों के लिए वरदान से कम नहीं है। आपको अपने करियर और कारोबार में अच्छे अवसरों में वृद्धि देखने को मिलेगी। आमदनी में इजाफा होने से आपका बैंक बैलेंस बढ़ेगा। वैवाहिक और प्रेम जीवन में मधुर संबंध बने रहेंगे।