Shani Transit 2023: वैदिक ज्योतिष में शनि को सबसे धीमा ग्रह का दर्जा प्राप्त है। शनि एक राशि में गोचर करने में लगभग ढाई वर्ष लेते हैं। शनि को कर्म और लाभ भाव का अधिकार दिया गया है वहीं वो राजनीति,रहस्य,खनन,तंत्र,गुप्तविद्या ,तेल,खनिज के कारक कहे जाते हैं। राजनीति में शनि को जनता का कारक कहा गया है। शनि देव की कृपा के बिना कोई भी उच्च पद पर आसीन नहीं हो सकता है। 17 जनवरी 2023 को शनि 3 दशक के बाद अपनी मूल त्रिकोण राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इनके इस गोचर से 4 राशियों को बेहद सावधान रहना होगा।
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Shani Transit 2023: 30 साल बाद कुंभ राशि में शनि का प्रवेश, इन 4 राशि के जातकों को रहना होगा सावधान
Mon, 14 Nov 2022 06:56 PM IST
विनोद शुक्ला
आनंद पाराशर
आनंद पाराशर
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 14 Nov 2022 06:56 PM IST
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Shani Dev
- फोटो : अमर उजाला
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- फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि सप्तम और अष्टम भाव के स्वामी होकर प्रबल मारकेश का काम करते हैं। अब शनि का गोचर आपके आठवें स्थान से ही होगा। शनि की इस स्थिति को ढैया के नाम से भी जाना जाता है। शनि की दृष्टि आपके दशम,दूसरे और पंचम भाव पर होगी। इस अवधि में आपके साथ अचानक से कोई बुरी घटना घटित हो सकती है। शनि के कारण आपको कार्य स्थल पर अधिक मेहनत करनी होगी और मानसिक तनाव से खुद को बचाना होगा। ससुराल पक्ष के साथ कोई लेन देन नहीं करें। इस गोचर में परिवार के सदस्यों के साथ झगड़ा हो सकता है। किसी को उधार दिया पैसा अटक सकता है। आपको इस समय अपनी वाणी पर काबू रखना होगा अन्यथा आपका नुकसान संभव है। नए काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल नहीं है।
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सिंह राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि छठे और सातवें भाव के स्वामी होते है। शनि का गोचर अब सातवें भाव में ही होगा जहां शनि मारकेश का काम करने वाले है। शनि की दृष्टि आपके भाग्य भाव,लग्न भाव और चौथे भाव पर होगी। इस समय शनि के गोचर से आपको दाम्पत्य जीवन में कुछ कठिनाई का सामना कर पड़ सकता है। आपके और आपके प्रेमी के बीच अनबन से तनाव बना हुआ रहेगा। इस समय अपनी पत्नी की सेहत का ध्यान रखना होगा। इस अवधि में नौकरी कर रहे जातकों को अपने सीनियर्स से मदद मिलने में देरी के योग बने हुए है। शनि के गोचर के प्रभाव से अपने पिता से मतभेद हो सकते है। इस समय अगर आप व्यापार करते है तो अपने अधीन कर्मचारियों का अपमान नहीं करे। आलस्य का त्यागकर पूर्ण रूप से लक्ष्य प्राप्ति की और बढ़ना होगा। इस समय शनि के कारण थोड़ा मानसिक तनाव भी संभव है।
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वृश्चिक राशि - इस राशि के जातकों के लिए शनि तीसरे और चौथे भाव के स्वामी होते हैं। अब शनि का गोचर आपके चौथे भाव से ही होगा। शनि के इस संचरण से वृश्चिक राशि के जातक शनि की ढैया के प्रभाव में आ जाएंगे। शनि की दृष्टि आपके छठे भाव,दशम भाव और लग्न पर आ रही है। इस समय शनि का यह गोचर पारिवारिक कलह का कारण बन सकता है। मानसिक तनाव की समस्या बढ़ सकती है। आपको इस गोचर काल के दौरान अपनी मां की सेहत का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा। किसी संपत्ति को खरीदने के चक्कर में आपका धन अटक सकता है इसलिए मित्रों का भरोसा नहीं करें। किसी कीमती सामान की चोरी हो सकती है। आपके शत्रु इस समय सक्रिय हो जाएंगे। कार्यों में देरी की वजह से आपका मन चिड़चिड़ा रहने वाला है। इस समय आपको नई नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है।
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मीन राशि - इस राशि के जातकों के लिए ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी होते हैं। शनि 17 जनवरी के आपके व्यय भाव में ही गोचर करने वाले हैं। शनि के इस संचरण से मीन राशि के जातक अब शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में प्रवेश कर चुके हैं। शनि की दृष्टि आपके दूसरे,छठे और नवें भाव पर होगी। शनि के इस गोचर से आपकी व्यर्थ की यात्राएं होगी और धन खर्च होगी। किसी पुराने कोर्ट केस के कारण अदालती मामलों में उलझ सकते हैं। किसी की ओर से आपके ऊपर बड़ा आरोप भी लगाया जा सकता है। अधिक धन खर्च के कारण धन की कमी महसूस होगी। परिवार में किसी नए विवाद का जन्म हो सकता है। इस समय आपको थकान महसूस हो सकती है। किसी पुरानी बीमारी से परेशान हो सकते है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को इस गोचर काल के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।