वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को सेनापति का दर्जा मिला हुआ है। मंगल को युद्ध, शौर्य, पराक्रम, रक्त और उत्साह का कारक ग्रह माना जाता है। इसके अलावा मंगल युद्ध, बलाबल, लड़ाई-झगड़ा, भूमि और मज्जा आदि का पर अपना अधिपत्य रखते हैं। वहीं मंगल आग, दुर्घटना और चोट-चपेट आदि का कारक ग्रह माना जाता है। मंगल को उग्र ग्रह माना जाता है। मंगल ग्रह को दो राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगलदेव होता हैं। मंगल मकर राशि में उच्च के और कर्क राशि में नीच के होते हैं। पराक्रम और साहस के ग्रह मंगल करीब 45 दिनों के अंतराल पर एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। ज्योतिष में मंगल के गोचर का विशेष प्रभाव होता है। जब-जब मंगल का गोचर करीब डेढ़ माह के अंतराल पर होता है इसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर भी देखने को मिलता है। इसके अलावा अगर मंगल का दूसरे पापी ग्रहों से साथ संबंध बनते हैं तो देश दुनिया में युद्ध ,दुर्घाटना और तबाही के आसार बनते हैं। आपको बता दें कि मंगल ग्रह अभी पिछले दिनों 27 अक्तूबर को दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर तुला राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए अपनी स्वयं की राशि वृश्चिक राशि में गोचर कर चुके हैं। मंगल अपनी अपनी स्वराशि में 06 दिसंबर 2025 तक रहेंगे। इसके बाद धनु राशि में गोचर करेंगे। आइए जानते हैं मंगल का वृश्चिक राशि से लेकर मीन राशि तक में गोचर का प्रभाव आने वाले 180 दिनों तक कैसा रहेगा किन-किन राशियों के ऊपर सबसे ज्यादा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
Mangal Gochar 2025 : सेनापति मंगल करेंगे जबरदस्त धमाल, 180 दिनों में बदलकर रख देंगे इन राशियों की किस्मत
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 30 Oct 2025 02:04 PM IST
सार
Mangal Gochar 2025 : मंगल वृश्चिक से लेकर 6 माह के गोचर पर। धनु, मकर, कुंभ, मीन और मेष सेनापति मंगल करेंगे जबरदस्त धमाल, 180 दिनों में बदलकर रख देंगे इन राशियों की किस्मत
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