ग्रहों में सेनापति कहे जाने वाले पृथ्वी पुत्र मंगल 17 अगस्त की शाम 07 बजे सिंह राशि में गोचर करते हुए पश्चिम दिशा में अस्त हो रहे हैं। ये पुनः 29 नवंबर को सुबह 06 बजकर 03 मिनट पर तुला राशि में गोचर काल के समय पूर्व में उदय होंगे। फलित ज्योतिष में किसी भी ग्रह के अस्त होने का अर्थ है उसका पूर्ण प्रभाव पृथ्वी वासियों पर न पड़ना अथवा उस ग्रह के पूर्ण प्रभाव से वंचित रह जाना। अस्त होने का तात्पर्य यह भी है कि उस ग्रह का बुझ जाना, तेज हीन हो जाना, प्रकाश हीन हो जाना। मंगल का बुझ जाना पृथ्वी पर अशांति का संकेत है। जिन जातकों की जन्मकुंडली में ये अशुभ भाव में गोचर कर रहे थे उनके लिए इनका अस्त होना अच्छा ही रहेगा किंतु, जिनकी जन्म कुंडली में शुभ फलदेने वाले भाव में गोचर कर रहे थे उनके लिए इनका अस्त होना अच्छा नहीं कहा जा सकता। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में नीचराशि तथा मकरराशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके अस्त होने का सभी अन्य राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
Mangal Ast 2021: आज से मंगल अस्त, जानिए सभी 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव
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मेष राशि
आपके राशि स्वामी मंगल का मूल त्रिकोण में गोचर करते हुए अस्त होना बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। विशेषकर के विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और कठिन प्रयास करने होंगे। संतान संबंधी चिंता भी परेशान कर सकती है। प्रेम संबंधी मामलों में भी उदासीनता रहेगी। परिवार के वरिष्ठ सदस्य एवं भाइयों से सहयोग मिलेगा।
वृषभ राशि
राशि से चतुर्थ सुख भाव में मंगल का अस्त होना आपके लिए अच्छा ही कहा जाएगा क्योंकि काफी दिनों से चली आ रही पारिवारिक कलह की समाप्ति होगी। जमीन-जायदाद से उलझे मामलों का निपटारा होगा। शासन सत्ताका पूर्ण सहयोग मिलेगा। मित्रों तथा संबंधियों से भी सुखद समाचार प्राप्ति के योग। अपनी ऊर्जा शक्ति का पूर्ण उपयोग करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे।
मिथुन राशि
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में मंगल के अस्त होने के प्रभाव स्वरूप आपमें आलस्य की अधिकता बढ़ जाएगी। आज का काम कल करने की प्रवृत्ति से जूझते हुए दिखाई देंगे इसलिए इसे हावी न होने दें। धर्म एवं आध्यात्म के प्रति गहरी रूचि रहेगी। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। छोटे भाइयों में आपसी तालमेल बढ़ेगा।
कर्क राशि
राशि से द्वितीय धन भाव में मंगल का अस्त होना मिलाजुला फल कारक रहेगा। हर कार्य तथा निर्णय बहुत सावधानी पूर्वक करने की आवश्यकता है आर्थिक हानि की भी संभावना रहेगी। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में देने से बचें। जमीन जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत।