पांच राज्यों (छत्तीसगढ़, म.प्र. राजस्थान, तेलंगाना, मणिपुर) के चुनाव का परिणाम, केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी दलों के लिये प्रतिष्ठा के प्रश्न के साथ-साथ, 2019 के आम चुनावों का सेमीफाइनल मुकाबला माना जा रहा है। इस प्रक्रिया की घोषणा दिनांक 6.10.2018 को दोपहर 3 बजे के बाद हुई। देश के जाने-माने ज्योतिषी आचार्य राजीव नारायण शर्मा अपनी ज्योतिषीय गणना (काल गणना) के आधार पर बताते हैं, 5 राज्यों के चुनावों की घोषणा के समय, मकर लग्न था, जोकि भाजपा की जन्म कुंडली का अष्टम भाव (मृत्यु अथवा परिवर्तन) है, और कांग्रेस की कुंडली का लाभ का स्थान है।
भविष्यवाणी : जानें 5 राज्यों के चुनाव में किस दल को लगेगा बड़ा झटका और किसकी बनेगी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस (2.1.1978, नई दिल्ली):
कांग्रेस का मीन लग्न और इनकी महादशा गुरू और अंतरदशा शुक्र की चल रही है। वर्तमान में गुरु, जो लग्नेश भी हैं इनके नवम् भाव, यानि भाग्य स्थान में गोचर कर रहे हैं और चतुर्थेश बुध भी नवम् भाव में बैठकर राजयोग बना रहे हैं। 7 दिसंबर को गुरु उदय होने के बाद, इनके भाग्य को और मजबूत करेंगे, और इनके अति भाग्यशाली समय के शुरुआत होने का संकेत दे रहे हैं।
चुनाव परिणाम के दिन, इनकी दशा होगी गुरु/शुक्र/शनि/सूर्य। वर्तमान में शनि भी इनके दशम् भाव बैठकर, सिंहासन के चतुर्थ भाव को देख रहे हैं और सूर्य भाग्य स्थान (नवम्) में है। अतः काल का इनको अवश्य ही आशीर्वाद मिलने का संकेत मिल रहा है।
भाजपा (6.4.1980, नई दिल्ली):
भाजपा की मिथुन लग्न की कुंडली है और इनकी वर्तमान में महादशा चंद्रमा की चल रही है, जो कुंडली में नीच का होकर छठवें भाव (झगड़े, विवाद, अपमान) में बैठा है और केमद्रुम योग बना रहा है।
चुनावों की घोषणा के दिन इनकी दशा चंद्र/चंद्र/बुध/केतु थी। गोचर में केतु इनकी कुंडली में अष्टम भाव में बैठकर, अशुभ संकेत दे रहा है। चुनावों के परिणाम के दिन, इनकी दशा होगी चंद्र/चंद्र/शुक्र/चंद्र/मंगल-राहु। लग्नेश और चतुर्थेश (सिंहासन) बुध भी छठवें भाव में होने के कारण, सिंहासन खिसकने या फिर कहें छिनने के संकेत दे रहे हैं।
भारत, 15.8.1947, नई दिल्ली
भारतवर्ष की कुंडली की ज्योतिषीय विवेचना करने पर भी संकेत सत्ता परिवर्तन का ही मिलता है। वर्तमान में देश की दशा चंद्र/गुरु/शनि/राहु चल रही है और गोचर में दशमेश (राजा, सत्ताधारी दल) अष्टम भाव में बैठकर, सत्ता परिवर्तन का योग बना रहे हैं। गुरु सूर्य की सप्तम भाव में युति और लग्न पर उनकी दृष्टि, समस्त जनता का कल्याण करने वाली और धर्म संस्कृति एवं देशहित की सोच रखने वाली सरकारों के आने का संकेत दे रही है।