हस्तरेखा शास्त्र के अध्ययन से व्यक्ति के भाग्य, धन, नौकरी, व्यवसाय, परिवार और उसके भविष्य के बारे में कई जानकारी प्राप्त की जा सकती है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली पर भाग्य रेखा का काफी महत्व होता है। भाग्य रेखा की बनावट से पता चलता है कि व्यक्ति भाग्यशाली है या दुर्भाग्यशाली। हथेली में मध्यमा उंगली( पांचों अंगुली में सबसे लंबी वाली अंगुली) के नीचे शनि पर्वत होता है इसे ही भाग्य का स्थान माना जाता है। हथेली में मणिबंध ( जिस स्थान से हथेली की शुरुआत होती है) से चलकर जो रेखा इस स्थान तक पहुंचती है उसे भाग्य रेखा कहते हैं।
सफल और भाग्यशाली लोगों की हथेली पर ही बनती है ऐसी भाग्यरेखा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 04 Jun 2019 04:02 PM IST
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