भगवान श्री कृष्ण को जगत पिता श्री हरि विष्णु के अवतार हैं। भगवान कृष्ण की पूजा राधा रानी के साथ तो की ही जाती है लोग बाल रुप में भी इनकी पूजा करते हैं। जो लोग कृष्ण कन्हैया को बाल रुप में पूजते हैं, वे अपने घर में लड्डू गोपाल रखते हैं। यदि आप अपने घर में लड्डू गोपाल रखते हैं तो उनकी सेवा भी छोटे बालक की तरह करनी चाहिए। उनके भोग का ध्यान खासतौर पर रखना चाहिए। वैसे तो शास्त्रों के अनुसार छप्पन भोग लगाएं जाते हैं, परंतु घर में यह संभव नहीं हो पाता है, फिर भी प्रतिदिन लड्डू गोपाल को नियम के साथ चार समय भोग अवश्य लगाना चाहिए। जानते हैं लड्डू गोपाल को भोग लगाने के नियम और समय।
यदि घर में विराजे हैं लड्डू गोपाल तो इस विधि और नियम से लगाएं भोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सबसे पहले सुबह उठते ही लड्डू गोपाल को भोग लगाना चाहिए। सुबह को उठकर 6 से 7 बजे के मध्य सबसे पहले घंटी या फिर लयबद्ध तरीके से ताली बजाते हुए, लड्डू गोपाल को जगाना चाहिए फिर इसके बाद उन्हें दूध पिलाना चाहिए। भोग लगाए हुए दूध को पी सकते हैं या फिर चाय में बनाने में उपयोग कर लें। पहला भोग सुबह उठते ही लगाना होता है तो बिना स्नान किए मुंह-हाथ धोकर भी लगा सकते हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आप अपवित्र न हो।
इसके कुछ समय बाद स्वयं स्नान करें और उसके बाद लड्डू गोपाल को स्नान करवाने के बाद उन्हें स्वच्छ वस्त्र पहनाएं और तिलक करने के बाद दूसरा भोग लगाएं। इस भोग में प्रतिदिन उन्हें दही अवश्य अर्पित करना चाहिए। कृष्ण जी को माखन, मिश्री और दही अति प्रिय हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि माखन एक दम शुद्ध हो, इसलिए कृष्ण जी को घर पर बने माखन का भोग ही लगाना चाहिए। इसके अलावा मौसमी फलों का भोग भी लगाना चाहिए।
दोपहर के समय उस भोजन का भोग लगा सकते हैं जो स्वयं के लिए बनाया हो, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि भोजन सात्विक होना चाहिए। उसमें लहसुन और प्याज कुछ भी नहीं होना चाहिए। इसके अलावा आप घर में फल, मिष्ठान जो भी सात्विक चीज लेकर आते हैं उसमें से सर्वप्रथम कृष्ण जी के लिए भी अवश्य अर्पित करें। भोजन में से भी सबसे पहले लड्डू गोपाल के लिए भोग निकालना चाहिए। यदि भोजन में लहसुन और प्याज का प्रयोग करते हैं तो लड्डू गोपाल के लिए मीठी पूरी या पराठा बना लें।
शाम के समय कृष्ण जी को मखाने या मेवा का भोग लगाया जा सकता है, इसके अलावा लड्डू गोपाल को पापड़-चिप्स का प्रसाद भी चढ़ाया जा सकता है। रात्रि के समय भी जो भोजन बनाया हो सबसे पहले लड्डू गोपाल को भोग लगाएं और उन्हें शयन करवाने से पहले दूध पिलाना चाहिए।