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जन्माष्टमी पर बना शुभ संयोग बना रहा है इस दिन को और भी खास
Wed, 02 Sep 2015 03:27 PM IST
Updated Wed, 02 Sep 2015 03:27 PM IST
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शनिवार 5 सितंबर को पूरी दुनिया में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष भगवान श्री कृष्ण 5,241 वर्ष के हो जाएंगे। ज्योतिषशास्त्र की गणना के अनुसार इस साल जन्माष्टमी के मौके पर कुछ दुर्लभ योग बन रहे हैं। आइये देखें इस साल जन्माष्टमी पर कौन-कौन से खास और अच्छे योग बन रहे हैं।
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भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव इस बार और भव्य होगा क्योंकि इस साल जन्मअष्टमी के पूरे दिन अष्टमी तिथि और लगभग पूरे समय रोहिणी नक्षत्र का योग बना रहेगा जिससे जयंती योग बना है। इस योग ने जन्माष्टमी के दिन को और भी खास बना दिया है। इस योग के साथ बन रहे हैं और भी खास योग।
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जयंती योग के साथ इी इस बार जन्माष्टमी के दिन बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग। ज्योतिषशास्त्री मानते हैं कि इन तीनों योगों का एक साथ होना बड़ा ही दुर्लभ होता है। इस बार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 5 सितंबर को मनाया जाएगा। दृश्य गणित के अनुसार इस दिन आधी रात को 12:26 बजे से रोहिणी नक्षत्र और 3:56 बजे से अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। रोहिणी नक्षत्र छह सितंबर आधी रात को 12:10 बजे तक और अष्टमी तिथि तड़के 3:02 बजे तक रहेगी।
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ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी बताते हैं कि कई दशकों बाद रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी जन्म के दिन लगभग पूरे दिन साथ रहेगी। इसी दुर्लभ योग से जयंती योग बन रहा है। भगवान श्रीकृष्ण को चंद्रमा का वंशज माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से ठीक पहले 11: 51 बजे पर चंद्रमा का उदय सोने पर सुहागा की तरह है।
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इस बार की जन्माष्टमी की सबसे अच्छी बात यह है कि इस बार के योग द्वापर में श्रीकृष्ण जन्म के समय से मिल रहे हैं। भगवान सूर्य नारायण का दक्षिणायन होना, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु, भाद्र पद, कृष्ण पक्ष अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र, वृष राशि के चंद्रमा, जन्म के समय वृष लगन, सिंह राशि के सूर्य, कन्या राशि के राहु और मीन राशि के केतु का संयोग इस बार भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय का बन रहा है।
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