5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन उपच्छाया चंद्रग्रहण लग रहा है। चंद्रग्रहण सुबह 8 बजकर 38 मिनट से आरंभ होगा। 09 बजकर 59 मिनट में यह परमग्रास में होगा और 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार चंद्रग्रहण की अवधि 2 घंटा 43 मिनट और 24 सेकेंड की होगी। यह चंद्र भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका एवं एशिया के कुछ हिस्सों में नजर आएगा।
Chandra Grahan 2020: चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं जरूर रखें इन चार बातों का ध्यान
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ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक विचार किया जाता है। माना जाता है कि ग्रहण के हानिकारक प्रभाव से गर्भ में पल रहे शिशु के शरीर पर उसका नकारात्मक असर होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के सीधे प्रभाव में न आने के साथ-साथ उन्हें चाकू-छुरी या तेज धार वाले हथियार का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु के शरीर पर उसका बुरा असर होता है। इसके साथ ही ग्रहण की अवधि में सिलाई-कढ़ाई का कार्य भी न करें और न ही किसी प्रकार की चीज़ों का सेवन करें।
खिड़कियों को अखबारों या मोटे पर्दों से ढक देना, ताकि ग्रहण की कोई भी किरण घर में प्रवेश न कर सके। ग्रहण के दौरान या पहले भोजन बना हुआ है तो उसे फेंकना नहीं चाहिए। बल्कि उसमें तुलसी के पत्ते डालकर उसे शुद्ध कर लेना चाहिए। ग्रहण के समाप्ति के बाद स्नान-ध्यान कर घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए और फिर जाकर भोजन ग्रहण करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान भगवान का ध्यान करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में मंत्र जप करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को अपने पास एक नारियल रखना चाहिए। नारियल रखने से नकारात्मकता नहीं आती है।