किसी भी व्यक्ति के लिए व्यवसाय में तरक्की होना बहुत ही आवश्यक होता है क्योंकि व्यावसाय को स्थापित करने में व्यक्ति के कई वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी लगी होती है। इसके साथ ही व्यवसाय ही व्यक्ति के जीवीकोपार्जन का जरिया होता है। लोग अपनी रुचि और सुविधानुसार कई तरह के अलग-अलग व्यवसाय करते हैं लेकिन कई बार देखने में आता है कि कुछ लोगों को जिस व्यवसाय में लगातार मुनाफा होता है तो वहीं उसी व्यवसाय में कुछ लोग बहुत मेहनत करने पर भी सफल नहीं हो पाते हैं। ज्योतिष के अनुसार अलग व्यवसायों या कारोबार के पीछे किसी ना किसी एक ग्रह की भूमिका होती है। यदि किसी कारोबार से संबंधित ग्रह व्यक्ति की कुंडली में शुभ हो तो लाभ प्राप्त होता है लेकिन यदि ग्रह अशुभ स्थिति में न हो तो व्यक्ति को व्यवसाय में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। परिश्रम और प्रयास करने के साथ ही ग्रहों की स्थिति को अनुकूल बनाकर आप काफी हद तक व्यवसाय से संबंधित समस्याओं से निजात पा सकते हैं और व्यावसाय में वृद्धि कर सकते हैं। आइए जानते हैं उपाय।
व्यवसाय वृद्धि में ग्रहों की होती है अहम भूमिका, तरक्की पाने के लिए ग्रहों के अनुसार करें ये उपाय
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ज्योतषि के अनुसार वस्त्रों के व्यवसाय से कई ग्रहों का संबंध होता है लेकिन मुख्य रूप से ये शुक्र का व्यवसाय माना जाता है। यदि आप कपड़ों से संबंधित कोई व्यवसाय करते हैं तो उसमें वृद्धि के लिए प्रतिदिन सुबह-शाम शुक्र के ''ऊं शुं शुक्राय नम:'' मंत्र का जाप करें। इसके अलावा आपको प्रत्येक शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को खीर या फिर सफेद मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। व्यवसाय में लाभ के लिए सफेद स्फटिक की माला गले में धारण करनी चाहिए।
यदि आप भूमि-भवन से संबंधित कोई कार्य करते हैं तो इसका सीधा संबंध मंगल ग्रह से होता है। ज्योतिष में मंगल को भूमि-भवन का कारक माना गया है। यदि इस कार्य से जुड़े व्यक्ति का मंगल कमजोर हो तो उसे व्यवसाय में नुकसान और कर्ज का सामना करना पड़ता है। इन लोगों को व्यवसाय में लाभ के लिए अपने कार्यस्थल पर लाल रंग के हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर लगानी चाहिए और नियमित रुप से उनके समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके साथ ही मजदूरो व जरुरतमंदों में हलवे-पूरी बांटना चाहिए। यदि व्यसाय में किसी तरह की समस्याएं चल रही हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
ज्योतिष के अनुसार बुध को बुद्धि व वाकपटुता का कारक माना जाता है तो वहीं बृहस्पति को का संबंध भी शिक्षा से होता है इसलिए जो लोग शिक्षा से संबंधित कोई व्यवसाय करते हैं तो आपको अपने व्यवसाय बेहतरी के लिए भगवान शिव को प्रतिदिन सफेद रंग के पुष्प अर्पित कर उनका पूजन करना चाहिए और उनके मंत्र ''ऊं आशुतोषाय नम:'' का जाप करना चाहिए।
ज्योतिष के अनुसार तेल, लोहा धातु आदि का संबंधि शनि ग्रह से होता है। यदि आप लोहा, कोयला या पेट्रोल आदि का व्यवसाय करते हैं तो शनि की स्थिति के अनुसार अपने दाएं हाथ की मध्यमा उंगली में लोहे का छल्ला धारण करना चाहिए। इसी के साथ दाएं हाथ की कलाई में काले रंग का रेशमी धागा बांधना चाहिए। शनि को मजबूत बनाने के लिए प्रतिदिन उनके मंत्र ऊं शं शनैश्चराय नम: का एक माला जाप करना चाहिए। इसके अलावा शनिवार के दिन तिल मिश्रित भोजन का दान करना चाहिए।