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सीएचसी गेट पर प्रसव, नवजात की मौत
उन्नाव
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:19 AM IST
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नवजात की मौत के बाद सीएचसी के बाहर खड़े परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी पहुंची प्रसूता का गेट पर ही प्रसव हो गया। समय से पहले प्रसव होने पर नवजात की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। प्रसूता को खून की कमी होने से उसकी हालत नाजुक थी।
हालत गंभीर देख डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। ससुराली व मायके पक्ष में पहले से अनबन होने से दोनों पक्ष सीएचसी में भिड़ गए। सीएचसी में बच्चे की मौत की खबर पर सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी से वार्ता की। सीएमओ ने प्रभारी व डाक्टर के बयान लिखित में लेने की बात कही है।
अजगैन थानाक्षेत्र के जनसार निवासी गंगाप्रसाद की बेटी किरन को प्रसव पीड़ा होने पर वह उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। मौजूद डाक्टर निवेदिता ने प्रसूता का चेकअप किया। जिसमें बच्चा पेट में उल्टा पाया। साथ ही प्रसूता को खून की कमी निकली। इस पर डाक्टर ने प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
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वह बेटी को लेकर सीएचसी गेट पर पहुंचे और किरन के पति शेखपुर नरी निवासी पति संदी को सूचना दी। पति व अन्य परिजनों के आने में देरी होेने से किरन को गेट पर ही प्रसव हो गया। गेट पर प्रसव होने की सूचना पर सीएचसी का स्टाफ मौके पर पहुंचा और नवजात को लेकर वार्ड आया। यहां एक घंटे इलाज के बाद नवजात ने दम तोड़ दिया।
नवजात की मौत के बाद महिला की हालत गंभीर देख परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल जाने लगे, तभी पति संदीप व अन्य परिजन सीएचसी पहुंचे। यहां दोनों एक-दूसरे पर नवजात की मौत का आरोप लगा हंगामा करने लगे। प्रसूता किरन के पिता गंगाप्रसाद का कहना है कि दो साल पहले उसने शेखपुर नरी निवासी संदीप पुत्र शंकरी के साथ बेटी का विवाह किया था। शादी के छह माह बाद ही बेटी व दामाद में विवाद हो गया और ससुराल वालों ने उसे निकाल दिया।
क्या बोले सीएमओ
सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद ने बताया सीएचसी में लापरवाही की कोई शिकायत नहीं आई है। उसके बाद भी सीएचसी प्रभारी व डाक्टर के बयान लिए जा रहे हैं। ताकि आरोप लगाने से पहले ही कार्रवाई पूरी की जा सके।
क्या बोलीं महिला डाक्टर
सीएचसी में तैनात डा. निवेदिता द्विवेदी का कहना है किरन को समय से पहले प्रसव हुआ था। सीएचसी आने पर अल्ट्रासाउंड भी किया गया। जिसमें बच्चा गर्भ में उल्टा मिला था। परिजनों को सीजर कराने के लिए कहा गया था। परिजनों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और ससुरालीजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही।
हालत गंभीर देख डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। ससुराली व मायके पक्ष में पहले से अनबन होने से दोनों पक्ष सीएचसी में भिड़ गए। सीएचसी में बच्चे की मौत की खबर पर सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी से वार्ता की। सीएमओ ने प्रभारी व डाक्टर के बयान लिखित में लेने की बात कही है।
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अजगैन थानाक्षेत्र के जनसार निवासी गंगाप्रसाद की बेटी किरन को प्रसव पीड़ा होने पर वह उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। मौजूद डाक्टर निवेदिता ने प्रसूता का चेकअप किया। जिसमें बच्चा पेट में उल्टा पाया। साथ ही प्रसूता को खून की कमी निकली। इस पर डाक्टर ने प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
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वह बेटी को लेकर सीएचसी गेट पर पहुंचे और किरन के पति शेखपुर नरी निवासी पति संदी को सूचना दी। पति व अन्य परिजनों के आने में देरी होेने से किरन को गेट पर ही प्रसव हो गया। गेट पर प्रसव होने की सूचना पर सीएचसी का स्टाफ मौके पर पहुंचा और नवजात को लेकर वार्ड आया। यहां एक घंटे इलाज के बाद नवजात ने दम तोड़ दिया।
नवजात की मौत के बाद महिला की हालत गंभीर देख परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल जाने लगे, तभी पति संदीप व अन्य परिजन सीएचसी पहुंचे। यहां दोनों एक-दूसरे पर नवजात की मौत का आरोप लगा हंगामा करने लगे। प्रसूता किरन के पिता गंगाप्रसाद का कहना है कि दो साल पहले उसने शेखपुर नरी निवासी संदीप पुत्र शंकरी के साथ बेटी का विवाह किया था। शादी के छह माह बाद ही बेटी व दामाद में विवाद हो गया और ससुराल वालों ने उसे निकाल दिया।
क्या बोले सीएमओ
सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद ने बताया सीएचसी में लापरवाही की कोई शिकायत नहीं आई है। उसके बाद भी सीएचसी प्रभारी व डाक्टर के बयान लिए जा रहे हैं। ताकि आरोप लगाने से पहले ही कार्रवाई पूरी की जा सके।
क्या बोलीं महिला डाक्टर
सीएचसी में तैनात डा. निवेदिता द्विवेदी का कहना है किरन को समय से पहले प्रसव हुआ था। सीएचसी आने पर अल्ट्रासाउंड भी किया गया। जिसमें बच्चा गर्भ में उल्टा मिला था। परिजनों को सीजर कराने के लिए कहा गया था। परिजनों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और ससुरालीजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही।