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Hindi News ›   Chandigarh ›   Wrestling Players Problems in Panchkula

न अखाड़ा- न कोच, बताओ कैसे जीतेंगे खिलाड़ी मेडल

Tue, 25 Feb 2014 03:28 PM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला Updated Tue, 25 Feb 2014 03:28 PM IST
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Wrestling Players Problems in Panchkula
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार का नारा है ‘पदक लाओ, नौकरी पाओ’। लेकिन, जब खिलाड़ियों को ट्रेनिंग की सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होगी तो वे पदक कहां से लाएंगे, इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
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कुश्ती को ओलंपिक में भी शामिल किया गया है, लेकिन पंचकूला के सेक्टर तीन स्थित ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में न तो अखाड़ा है और न ही कोच।

पहले पंचकूला में कुश्ती कोच थे, लेकिन जुलाई 2012 के बाद कुश्ती कोच करनैल सिंह के रिटायरमेंट के बाद यहां अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में जिले के पहलवानों को प्रैक्टिस और ट्रेनिंग के लिए चंडीगढ़ या मोहाली जाना पड़ता है। हालांकि, राज्य के अन्य लगभग सभी जिलों में अखाड़े और कोच की सुविधा है, लेकिन पंचकूला आज भी इनसे महरूम है।
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सेक्टर-7 के स्कूल में था टेंपररी अखाड़ा
पंचकूला सेक्टर सात स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंड्री स्कूल में एक साल पहले तक प्रैक्टिस के लिए करनैल सिंह ने टेंपररी अखाड़ा बनाया था और यहीं पर खिलाड़ी कुश्ती की प्रैक्टिस करते थे। कोच की रिटायरमेंट के बाद वहां भी प्रैक्टिस के लिए मना किया जा रहा है।
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कोट्स
मैं बीटेक का छात्र हूं और दो साल से कुश्ती की प्रैक्टिस कर रहा हूं। कुश्ती में ही कैरियर बनाना चाहता हूं, लेकिन यहां कोच और अखाड़े की सुविधा ही नहीं है।
- जतिन राणा

कुश्ती कोच नहीं होने के कारण ट्रेनिंग के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ता है। हरियाणा के अन्य जिलों में पहलवानों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं, फिर पंचकूला की ऐसी अनदेखी क्यों?
- अक्षय मलिक

जब से ओलंपिक में कुश्ती को शामिल किया गया है, ओलंपिक तक जाने की इच्छा और ज्यादा हो गई है। मेडल हासिल करना चाहता हूं, लेकिन यहां तो न कोच हैं और न ही अखाड़ा। इसलिए ट्रेनिंग ही नहीं मिल पा रही है।

- अमित

चार साल से रेसलिंग कर रहा हूं। एक साल पहले तक कोच थे तो जैसे-तैसे ट्रेेनिंग मिल जाती थी। उनके रिटायरमेंट के बाद प्रैक्टिस की जगह ही नहीं है।
- अचरन सिंह

जुलाई 2012 में रिटायरमेंट के बाद यहां किसी कुश्ती कोच की नियुक्ति नहीं की गई है। कुश्ती के लिए रेसलिंग हॉल भी होना चाहिए।
- करनैल सिंह, रिटायर्ड कुश्ती कोच, स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट पंचकूला

कुश्ती कोच की नियुक्ति होनी है और एक माह के अंदर यह नियुक्ति कर दी जाएगी। रेसलिंग हॉल के लिए मल्टीपर्पस हॉल में जगह मुहैया करानी थी। इसे हुडा को बनाना है। जल्द ही इस मुद्दे पर भी हुडा से बातचीत की जाएगी।
- डीके राणा, जिला खेल अधिकारी, पंचकूला
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