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Hindi News ›   Chandigarh ›   wrestler Satinder Interview

सरकारी नौकरी ठुकराकर युवाओं को रेसलर बना रहे ये

Mon, 14 Apr 2014 12:35 AM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 14 Apr 2014 12:35 AM IST
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wrestler Satinder Interview
अपने लिए तो सभी जिया करते हैं लेकिन इंसान वही है जो दूसरों के लिए जिए। यह बात फिट बैठती है अंतरराष्ट्रीय रेसलर सतिंदर पर, जो इन दिनों युवाओं को बेहतर रेसलर बनाने में जुटे हैं।
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लंदन ओलंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार के साथ कई वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय लेवल पर खेल चुके सतिंदर इन दिनों सेक्टर-42 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में युवाओं को रेसलर बनने में जी जान से जुटे हुए हैं।
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तीन बार हिंद केसरी के अवार्ड से नवाजे जा चुके सतिंदर को कई सरकारी महकमों से नौकरी के ऑफर भी आए लेकिन उन्होंने ठुकरा दिए।

सतिंदर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करने पर पंजाब पुलिस, हरियाणा, बीएसएफ की ओर से मुझे नौकरी के लिए प्रस्ताव मिला था, पर मुझे कुश्ती को बुलंदियों तक पहुंचाना है।
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गांव में खोल रहे है एकेडमी:  
मूल रूप से सोनीपत के गांव बांगड़ू के रहने वाले सतिंदर ने कहा कि गांव में उन्हें पंचायती जमीन मिली है। यहां पर रेसलिंग एकेडमी खोल रहे हैं जिससे गांव से अधिक से अधिक प्रतिभाएं उभर कर सामने आ सके। वे इसमें गरीब परिवार के बच्चों को तरजीह देंगे।

तीन बार हिंद केसरी

वर्ष 2004, 2006 और 2009 में हिंद केसरी अवार्ड मिला।

सतिंदर की उपब्धियां
- स्टेट में 15 गोल्ड
- नेशनल में 10 गोल्ड
- 2002 में कजाकिस्तान में एशियन कप में चौथे स्थान पर रहे।
- 2004 में ईरान में रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
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