उत्तराखंड की बेटी से जीत न पाया कोई पहलवान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कद छोटा, उम्र छोटी, वजन 18 किलो कम फिर भी देहरादून की महिला पहलवान 17 वर्षीय नेहा तोमर को रुद्रपुर का सोनू पहलवान हरा नहीं पाया।
नेहा ने शुक्रवार को बरेली में जोगीनवादा के दंगल में पुरुष पहलवान से न केवल कुश्ती लड़ी बल्कि बराबरी के ही दांव लगाए। यहां पंजाब, हरियाणा और देहरादून से महिला पहलवान आई हुई थीं।
रुद्रपुर के सोनू के साथ आठ मिनट की कुश्ती में जोड़ बराबर की छूटी और नेहा दर्शकों की वाहवाही ले उड़ी। कुश्ती में पांच दांव सोनू ने लगाए तो पांच नेहा ने।
धोबीपाट के जवाब में नेहा ने कनगनी दांव से सोनू को बराबरी पर रोका। जोगीनवादा रामलीला परिषद की ओर से आयोजित दंगल प्रतियोगिता में शुक्रवार को महिला पहलवानों की कुश्ती होनी थी।
राष्ट्रीय स्तर के दंगलों में भाग लेते हैं यह पहलवान
कार्यक्रम में ऐसे पहलवान आए थे जो राष्ट्रीय स्तर के दंगलों में भाग लेते हैं। पहले दो महिला पहलवानों का मुकाबला बराबरी पर छूटा। इसके बाद 54 किग्रा वर्ग में नेहा की बारी थी।
उससे कुश्ती लड़ने कोई महिला पहलवान नहीं आई। उसकी कुश्ती रुद्रपुर के पहलवान 72 किग्रा वर्ग के सोनू से हुई। महिला और पुरुष पहलवान के बीच कुश्ती में दर्शक नेहा के फेवर में आ गए। अखाड़े में आते ही नेहा ने सोनू को पटक दिया लेकिन इसके बाद सोनू ने नेहा को पटखनी दी।
आधे समय तक सोनू ने और अंतिम हाफ में नेहा ने सोनू के पसीने छुड़ा दिए। नेहा ने ताकत के मामले में पुरुषों के सामने महिलाओं के बेबस होने को झुठलाते हुए 11 सौ रुपए के इनाम में बराबर की भागीदारी की।
नेहा का कहना है कि वह इससे पहले सोनीपत में भी पुरुष पहलवान से कुश्ती लड़ चुकी हैं। वह मानती है कि हमारे मुकाबले उनमें जोर अधिक होता है, लेकिन फिर भी अगर ठान लें तो पुरुष भी महिला के आगे कमजोर पड़ जाता है।