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उत्तराखंड में एसोसिएशनों के बीच ‘फुट’बॉल
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 13 Mar 2015 02:07 PM IST
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उत्तराखंड में फुटबॉल की नई स्टेट एसोसिएशन बनने से अब दो एसोसिएशन के बीच वर्चस्व की जंग होने लगी है।
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फुटबॉल मैदान और खिलाड़ियों के बीच अपना दबदबा बनाने की हसरत पाले नई बनी एसोसिएशन ने पुरानी एसोसिएशन को घेरना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि नई एसोसिएशन में सभी पदाधिकारी देहरादून से हैं, तो पुरानी एसोसिएशन में नैनीताल जिले के पदाधिकारियों का दबदबा है। दोनों ही एसोसिएशनों ने हर जिले में संबद्ध एसोसिएशन होने का दावा किया है।
राज्य खेल है फुटबॉल
उत्तराखंड बनने के बाद राज्य में उत्तराखंड स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन का गठन हुआ था, जिसे ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन से मान्यता मिली हुई है, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। जबकि उत्तराखंड में फुटबॉल को राज्य खेल का दर्जा हासिल है, लेकिन आज फुटबॉल खुद अपने वजूद का तलाश रहा है।
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नई बनी एसोसिएशन
14 साल पुरानी एसोसिएशन पर खिलाड़ियों के शोषण का आरोप लगाते हुए दून में नई उत्तराखंड फुटबॉल एसोसिएशन बना ली गई है। नई बनी उत्तराखंड फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव वीएस रावत ने पुरानी एसोसिएशन के सचिव पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है।
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नई बनी फुटबॉल एसोसिएशन ने देहरादून जिले में तीन साल से एसोसिएशन का गठन न होने पर भी पुरानी एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
नई के वजूद को चुनौती
उधर, पुरानी उत्तराखंड स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन ने आरोपों को नकारते हुए नई एसोसिएशन के वजूद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। सचिव अख्तर अली ने कहा कि रावत को दून की जिला एसोसिएशन से बर्खास्त किया गया था। बाद में उसने रेफरी एसोसिएशन बना ली, जिसे मान्यता नहीं मिली। इसी तरह नई एसोसिएशन भी फर्जी है।