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उत्तराखंड में क्रिकेट बोर्ड की मान्यता पर फैसला आज!

Fri, 19 Feb 2016 08:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 19 Feb 2016 08:32 AM IST
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uttarakhand cricket board, bcci will discuss on lodha committee.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की शुक्रवार को मुंबई में होने वाली विशेष आम बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर चर्चा की जाएगी। इस विशेष बैठक पर उत्तराखंड समेत उन राज्यों की नजर हैं जिन्हें अभी तक बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिली है।

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बीसीसीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड, बिहार समेत उन राज्यों को मान्यता देने पर भी बैठक में चर्चा होगी। वहीं बोर्ड ने अगर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें मान ली तो राज्य के होनहार क्रिकेटरों का भला हो जाएगा। उत्तराखंड, बिहार समेत कई राज्य हैं जिन्हें अभी तक बीसीसीआई ने मान्यता नहीं दी है। ऐसे में इन राज्यों के होनहारों को दूसरे स्टेट से खेलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने बीसीसीआई के ढांचे में व्यापक बदलाव की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड को तीन मार्च तक का समय दिया है। बोर्ड की ओर से कोर्ट में क्या जवाब दाखिल करना है इसे लेकर यह अहम बैठक बुलाई गई है। इसके अलावा एसजीएम के एजेंडे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) के सदस्य देशों के वित्तीय ढांचे तथा मान्यता समिति की रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है।

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सिफारिशें लागू हुईं तो बदल जाएगी तस्वीर

uttarakhand cricket board, bcci will discuss on lodha committee.

गौरतलब है कि लोढ़ा कमेटी ने कई संबंधित लोगों से बात करके सुप्रीम कोर्ट और बीसीसीआई को अपनी सिफारिशें सौंपी हैं जो अगर जस की तस लागू कर दी जाएं, तो बोर्ड की तस्वीर हमेशा के लिए बदल जाएगी। मगर कई अधिकारियों और स्टेट एसोसिएशंस को इस पर आपत्ति है। सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड को यह बताने के लिए कि 3 मार्च तक का समय दिया है कि इन सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करने में उसे क्या परेशानी है

ये हैं सिफारिशें
हर स्टेट से एक क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता दी जाए।
पारदर्शिता बनाए रखने को बीसीसीआई को आरटीआई के दायरे में लाना।
सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता देने ताकि सरकार को टैक्स भी प्राप्त हो सके।
मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग को अपराध घोषित करने।
बीसीसीआई के पदाधिकारियों के चुनाव लड़ने के लिए योग्यता तय की गई
एक राज्य में एक एसोसिएशन और मताधिकार का हक एक को दिए जाने की सिफारिश।
70 साल के बाद बीसीसीआई या राज्य संघ का पदाधिकारी नहीं बन सकता।
चयन समिति में टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को जगह।

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