फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   tricity shooter win 10 medals

अभ्यास की कमी के बावजूद शूटरों ने जीते मेडल

Thu, 26 Dec 2013 09:37 AM IST
संजीव पंगोत्रा चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Dec 2013 09:37 AM IST
विज्ञापन
tricity shooter win 10 medals
सिटी के शूटरों को अभ्यास में आ रही परेशानी के बावजूद लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में हुई नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में शहर के शूटरों ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रोंज मेडल पर निशाना साधा। पिछले एक साल से सिटी की एकमात्र शूटिंग रेंज रेनोवेश के कारण बंद है।
विज्ञापन


खिलाड़ियाें को अभ्यास करने में लगातार दिक्कतें आ आ रही हैं। इन सबकेबावजूद शहर के शूटराें की मेहनत और लगन का नजीता है कि यह लगातार मेडल जीतने में सफल हो रहे हैं।
विज्ञापन


दिल्ली में नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप 11-24 दिसंबर तक हुई। इसमें शहर की उभरती हुई युवा शूटर अंजुम मोदगिल ने 7 मेडल जीते।

इसके अलावा अजितेश और मलीनप्रीत भी मेडल जीतने में सफल रहे। डीएवी कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा अंजुम इनमें सबसे अधिक सफल रहीं।

अंजुम ने थ्री पोजीशन के 50 मीटर की टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद थ्री प्रोजीशन 50 मीटर में एकल मुकाबले में एक सिल्वर मेडल जीता।

प्रोन इवेंट में एक सिल्वर जीता। अंजुम यही नहीं रुकीं, बल्कि 10 मीटर के एकल सीनियर वर्ग में भी निशाना साधते हुए एक ब्रोंज मेडल, प्रोन नेशनल जूनियर में एक ब्राज मेडल, थ्री पीपी एकल वर्ग में एक ब्रोंज मेडल, सीनियर की टीम इवेंट में एक ब्रोंज मेडल जीता।
विज्ञापन
विज्ञापन


मिलनप्रीत ने साधा गोल्ड पर निशाना

डीएवी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र मिलनप्रीत ने जूनियर राइफल इवेंट में अपने प्रतिद्वंदियों को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

वहीं, एमए प्रथम वर्ष के अजितेश ने स्टैंडड पिस्टल में 25 मीटर के सिंगल्स में निशाना लगाते हुए सिल्वर मेडल जीता। उधर, बीटेक के छात्र अमन ने थ्री पोजीशन में 50 मीटर में निशाना साधते हुए सिंगल्स में ब्रोंज मेडल पर कब्जा जमाया।


अभ्यास की कमी आ रही आड़े
अमन ने बताया कि  सिटी की एममात्र शूटिंग रेंज पटियाला की रॉव पर बनी है, जिसमें पिछले एक साल से रेनोवेश का काम चल रहा हैं। इससे अभ्यास में गिरावट आ रही है। शहर के शूटरों का जब नेशनल टीम के लिए चयन होता है, तो वहां लगने वाले कैंप में ही अभ्यास करने को मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed