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आपने भी जरूर खेला होगा उत्तराखंड का ये पारंपरिक खेल

Thu, 09 Jul 2015 03:42 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 09 Jul 2015 03:42 PM IST
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traditional game of uttarakhand.

राजस्थान के पुष्कर मेले में रस्साकसी का आयोजन अपने आप में निराला होता है। ताकत और टीम वर्क का यह खेल उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों में शामिल है। हालांकि, यह देश के अन्य राज्यों में भी खेला जाता है। इस कारण राष्ट्रीय खेल-2015 में इसे पारंपरिक खेल के रूप में शामिल किया जा सकता है।

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मैदान के बीचोंबीच एक सफेद लाइन और इसके दोनों ओर रस्सी को पकड़े हुए कई लोग होते हैं। फिर शुरू होता है ताकत और टीम वर्क का खेल। जो पक्ष दूसरे को सफेद लाइन से अपनी ओर खींच लेता है, वह विजयी होता है। स्कूलों के खेल समारोह और विभिन्न संस्थाओं के खेलों के दौरान रस्साकसी को मनोरंजन खेल के रूप में शामिल किया जाता है।
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रस्साकसी का खेल काफी पुराना है। देश के साथ ही विदेशों में भी यह प्रसिद्ध है। देहरादून जिले के आदर्श विहार हरबर्टपुर निवासी ओमप्रकाश उनियाल का कहना कि उत्तराखंड के कई हिस्सों में यह खेल पुराने समय में खेला जाता था। इसकी प्रतियोगिताएं भी होती थीं।
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बता दें रस्साकसी को टग ऑफ वार के नाम से भी जाना जाता है। बाकायदा इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टग ऑफ वार इंटरनेशनल फेडरेशन भी है। भारत के साथ ही स्कॉटलैंड, आयरलैंड, इंग्लैंड, स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, इटली, यूनाइटेड स्टेट में भी यह खेल बहुत लोकप्रिय है। भारत में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश आदि देशों में खेला जाता है।

हमें बताएं क्या हैं राज्य के पारंपरिक खेल
राष्ट्रीय खेल साल 2018 में उत्तराखंड में आयोजित किया जाना है। इसमें आयोजक प्रदेश का एक पारंपरिक खेल शामिल किया जाता है, लेकिन उत्तराखंड में अभी तक कोई पारंपरिक खेल सामने नहीं आया है।

हालांकि इसे खोजने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन खेल विभाग का कहना है कि अभी तक उनकी जानकारी में ऐसा कोई खेल नहीं आया है। अमर उजाला अपने पाठकों की मदद से राज्य के पारंपरिक खेल को सामने लाना चाहता है ताकि वह साल 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में शामिल किया जा सके।


इस संबंध में आपके पास यदि किसी पारंपरिक खेल के बारे में जानकारी है तो उसके बारे में विस्तार से हमें लिखें। उसे अमर उजाला में प्रकाशित किया जाएगा।

पता यह है
आप editor@ddn.amarujala.com पर मेल कर सकते हैं अथवा अमर उजाला, शेड नंबर-2 औद्योगिक क्षेत्र पटेलनगर, देहरादून पर पत्र भी भेज सकते हैं। लिफाफे पर उत्तराखंड के पारंपरिक खेल जरूर लिखें।

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