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'सहवाग की विकेट लेना है बेशकीमती तोहफा'
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 03 Apr 2014 02:17 PM IST
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वीरेंद्र सहवाग जैसे विस्टफोटक बल्लेबाज के आगे गेंदबाजी करने से पहले हर गेंदबाज कई बार सोचता है। ऐसे में अगर उनकी विकेट मिल जाए तो उस बल्लेबाज के लिए किसी बेशकीमती तोहफे से कम नही होता।
यह कहना है जम्मू और कश्मीर टीम के तेज गेंदबाज आबिद नबी अहंगर का जिन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्राफी में दिल्ली के ओपनिंग खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग को अधिक रन बनाने नही दिए और अपनी गेंद पर 22 के निजी स्कोर पर आउट कर दिया।
सहवाग को आउट करते ही मानो एक बार तो विश्वास नही हुआ, लेकिन जब साथी खिलाड़ी ने बधाई दी तो अहसास हुआ कि अपने पंसदीदा बल्लेबाज की विकेट लेने की खुशी कैसी होती है। इस खुशी में और अधिक बढ़ोतरी तब हुई जब आबिद नबी अहंगर ने दांए हाथ के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को 6 के स्कोर पर बोल्ड कर पवेलियन पहुंचाया।
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आबिद जम्मू और कश्मीर टीम के लिए खेलते हैं। पिछले दो साल से टीम के साथ नही रहे, लेकिन अब आते ही जोरदार वापसी पर वह पूरी तरह से संतुष्ट दिखे। आबिद ने कहा कि दो साल बाद वापसी की है और दोनो अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी माने जाने वाली वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर कि विकेट लेना सचमुच में सुखद अनुभव देता है।
आबिद ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर में टैलेंट की कमी नही, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की काफी कमी है। यहां पर देश के अन्य शहरों की तरह बेहतरीन स्टेडियम नहीं हैं।
सैयद मुश्ताक अली ट्राफी में पहले दोनों मैचों को गंवा चुकी है। इस बारे में आबिद नबी अहंगर ने कहा कि टीम के पास अभी तीन मैच और बचे है। इसमें बेहतरीन कर वापसी करने की पूरी कोशिश रहेगी।
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यह कहना है जम्मू और कश्मीर टीम के तेज गेंदबाज आबिद नबी अहंगर का जिन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्राफी में दिल्ली के ओपनिंग खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग को अधिक रन बनाने नही दिए और अपनी गेंद पर 22 के निजी स्कोर पर आउट कर दिया।
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सहवाग को आउट करते ही मानो एक बार तो विश्वास नही हुआ, लेकिन जब साथी खिलाड़ी ने बधाई दी तो अहसास हुआ कि अपने पंसदीदा बल्लेबाज की विकेट लेने की खुशी कैसी होती है। इस खुशी में और अधिक बढ़ोतरी तब हुई जब आबिद नबी अहंगर ने दांए हाथ के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को 6 के स्कोर पर बोल्ड कर पवेलियन पहुंचाया।
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आबिद जम्मू और कश्मीर टीम के लिए खेलते हैं। पिछले दो साल से टीम के साथ नही रहे, लेकिन अब आते ही जोरदार वापसी पर वह पूरी तरह से संतुष्ट दिखे। आबिद ने कहा कि दो साल बाद वापसी की है और दोनो अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी माने जाने वाली वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर कि विकेट लेना सचमुच में सुखद अनुभव देता है।
आबिद ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर में टैलेंट की कमी नही, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की काफी कमी है। यहां पर देश के अन्य शहरों की तरह बेहतरीन स्टेडियम नहीं हैं।
सैयद मुश्ताक अली ट्राफी में पहले दोनों मैचों को गंवा चुकी है। इस बारे में आबिद नबी अहंगर ने कहा कि टीम के पास अभी तीन मैच और बचे है। इसमें बेहतरीन कर वापसी करने की पूरी कोशिश रहेगी।