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इन खिलाड़ियों ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान

Wed, 31 Dec 2014 11:53 AM IST
निर्मला सुयाल / अमर उजाला, देहरादून
निर्मला सुयाल / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 31 Dec 2014 11:53 AM IST
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sports year ender 2014.

अगर खेल के नजरिए से देखा जाए तो साल 2014 में राज्य के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फलक पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया। चाहे आईपीएल हो या इंडियन सुपर लीग कई बड़े टूर्नामेंट में राज्य के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया।

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उत्तराखंड की एकता बिष्ट और स्नेह राणा को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे और टी-20 मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह दी गई। अपने बेहतरीन प्रदर्शन से अल्मोड़ा की एकता बिष्ट ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली।
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18 वनडे मैचों में एकता अब तक 27 विकेट चटका चुकी हैं। 15 रन पर 3 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। 20 टी-20 मैचों में भी एकता के नाम 18 हैं।

ऑफ स्पिनर हैं स्नेह

वहीं देहरादून के सिनौला गांव निवासी स्नेह राणा को इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो दिवसीय और वनडे अभ्यास मैचों के लिए इंडिया ए में चुना गया। स्नेह बल्लेबाज के साथ शानदार ऑफ स्पिनर भी हैं। स्नेह 3 वन डे मैचों में 4 विकेट ले चुकी हैं, जबकि 37 रन पर दो विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

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जुडंवा बहनों ने गाड़े सफलता के झंडे

sports year ender 2014.

एवरेस्ट फतह करने वाली देहरादून की जुड़वां बहनों ताशी और नुंग्शी ने भी 2014 में खूब नाम कमाया। जुड़वा बहनों को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह मिली।

ताशी-नुंग्शी के पिता कर्नल वीरेंद्र मलिक ने बताया कि बेटियों के नाम लिम्का बुक में दो रिकॉर्ड दर्ज किए हैं। पहला रिकॉर्ड 'एवरेस्ट पर पहुंचने वाली पहली जुड़वां बहनों' और दूसरा 'माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली पहली जुड़वां बहनों' का है। इतना ही नहीं ताशी और नुंग्शी को गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली है।

पर्वतारोहण के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहीं देहरादून की जुड़वा बहनों ताशी-नुंग्शी को गिनीज बुक के 60वीं सालगिरह पर जारी नए एडिशन में स्थान दिया गया है। इस तरह ताशी-नुंग्शी ने अपनी उपलब्धियों में एक पन्ना और जोड़ लिया।

गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने से उत्साहित ताशी-नुंग्शी ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, बचपन से ही हम अखबार और किताबों में बड़ी हस्तियों के नाम गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने की खबर पढ़ते थे। तभी हमने भी सोच लिया कि बड़ा होकर कुछ ऐसा करना है कि हमारा नाम भी गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में लिखा जाए।

ताशी-नुंग्शी के पिता रिटायर्ड कर्नल वीएस मलिक ने बताया कि सेवन सबमिट पूरा करने वाली ये दोनों विश्व की पहली जुड़वा बहनें होंगी। इसके लिए एक बार फिर से इनका नाम गिनीज बुक में दर्ज होगा। उल्लेखनीय है कि इन जुड़वा बहनों ने 19 मई 2013 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के साथ ऐसा करने वाली विश्व की पहली जुड़वा बहनें होने का रिकॉर्ड बनाया था।

ताशी-नुंग्शी की उपलब्धियां

माउंट किलिमंजारो- फरवरी 2012
माउंट एवरेस्ट- मई 2013
माउंट एल्ब्रस- अगस्त 2013
माउंट एकॉनकागुआ- जनवरी 2014
कार्सटेंस्ज पिरामिड- मार्च 2014
माउंट मैकेनली- जून 2014

ये हैं फुटबॉल के महारथी

sports year ender 2014.

उत्तराखंड के होनहारों ने फुटबॉल में भी खूब गोल दागे। पौड़ी निवासी रोहित नेगी को प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब मोहन बागान ने अपने जूनियर क्लब से जोड़ा। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में 12वीं के छात्र रोहित स्कूल टीम के प्रमुख स्ट्राइकर हैं और अभी तक 7 स्कूल नेशनल और 5 फेडरेशन नेशनल टूर्नामेंट खेल चुके हैं।

इंडियन सुपर लीग में पुणे एफसी की जूनियर टीम में उत्तराखंड के खिलाड़ी साहिल पंवार ने जगह बनाई। स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्र नितिन ज्याला प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब मोहन बागान ने नितिन को अपने जूनियर क्लब में जगह दी।

उत्तराखंड की मोनिका बिष्ट को फुटबॉल क्लबों के लिए मशहूर बार्सिलोना एकेडमी ने कोच के तौर पर चुना। मोनिका को उत्तराखंड की पहली नेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) प्रशिक्षित महिला फुटबॉल कोच होने का गौरव भी प्राप्त है।

सुब्रतो कप में अंडर-14 वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और गोल्डन ब्वॉय का खिताब जीतने वाले उत्तराखंड के हर्ष बड़थ्वाल को अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप 2017 के लिए संभावित टीम में शामिल किया गया है। वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए हर्ष फिलहाल गोवा में चल रहे कैंप में अभ्यास में जुटे हुए हैं।

क्रिकेट वर्ल्ड कप के संभाव‌ितों में उत्तराखंड का लाल

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उत्तराखंड के क्रिकेट स्टार मनीष पांडे ने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम में जगह बनाई। इतना ही नहीं क्रिकेट वर्ल्ड कप के संभाव‌ितों में भी म‌नीष ने जगह बनाई। कोलकाता नाइटराइडर्स के आक्रामक बल्लेबाज मनीष कृष्णानंद पांडे ने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम में जगह बनाकर उत्तराखंड का नाम रोशन किया।

महेंद्र सिंह धोनी और एकता बिष्ट के बाद मनीष पांडे भारतीय टीम में जगह बनाने वाले तीसरे उत्तराखंडी खिलाड़ी हैं। वे उन्मुक्त चंद की तरह अंडर-19 विश्व कप भी खेल चुके हैं। आईपीएल के पहले सत्र में शतक बनाकर मनीष पांडे ने क्रिकेट जगत में उपस्थिति दर्ज कराई थी।

बागेश्वर जिले के दफौट क्षेत्र के भीड़ी गांव के मूल निवासी मनीष का जन्म 10 सितंबर 1989 को नैनीताल में हुआ था। लेकिन पिता का ट्रांसफर हो जाने के कारण मनीष को यहां रहने का अधिक मौका नहीं मिल सका। पिता का ट्रांसफर होने के बाद मनीष 15 साल की उम्र में बंगलुरू पहुंचे। यहां मनीष ने अपने बल्ले की चमक बिखेरी।

नेहा तोमर को नहीं हरा पाया कोई पहलवान

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कद छोटा, उम्र छोटी, वजन 18 किलो कम फिर भी देहरादून की महिला पहलवान 17 वर्षीय नेहा तोमर को कोई पहलवान नहीं हरा पाया। नेहा ने बरेली में जोगीनवादा के दंगल में पुरुष पहलवान से न केवल कुश्ती लड़ी बल्कि बराबरी के ही दांव लगाए। यहां पंजाब, हरियाणा और देहरादून से महिला पहलवान आई हुई थीं। इस दांव के बाद नेहा अखबारों और टीवी न्यूज चैनल पर छाई रहीं।

रुद्रपुर के सोनू के साथ आठ मिनट की कुश्ती में जोड़ बराबर की छूटी और नेहा दर्शकों की वाहवाही ले उड़ी। धोबीपाट के जवाब में नेहा ने कनगनी दांव से सोनू को बराबरी पर रोका। कार्यक्रम में ऐसे पहलवान आए थे जो राष्ट्रीय स्तर के दंगलों में भाग लेते हैं। पहले दो महिला पहलवानों का मुकाबला बराबरी पर छूटा। इसके बाद 54 किग्रा वर्ग में नेहा की बारी थी।

उससे कुश्ती लड़ने कोई महिला पहलवान नहीं आई। उसकी कुश्ती रुद्रपुर के पहलवान 72 किग्रा वर्ग के सोनू से हुई। महिला और पुरुष पहलवान के बीच कुश्ती में दर्शक नेहा के फेवर में आ गए। अखाड़े में आते ही नेहा ने सोनू को पटक दिया लेकिन इसके बाद सोनू ने नेहा को पटखनी दी।

आधे समय तक सोनू ने और अंतिम हाफ में नेहा ने सोनू के पसीने छुड़ा दिए। नेहा ने ताकत के मामले में पुरुषों के सामने महिलाओं के बेबस होने को झुठलाते हुए 11 सौ रुपए के इनाम में बराबर की भागीदारी की।

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