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उत्तराखंड का खेल विभाग 'काहिली' में चैंपियन
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 09 Jan 2015 12:32 PM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और भूतपूर्व खिलाड़ियों को इसी महीने सम्मानित करने की घोषणा तो की है, लेकिन उनकी मंशा पर खेल विभाग की सुस्ती पानी फेर सकती है।
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दरअसल, खेल विभाग के पास अब तक यह जानकारी ही नहीं है कि प्रदेश में कितने भूतपूर्व खिलाड़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता तो दूर पद्मश्री, अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार जैसे बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल उत्तराखंड का मान बढ़ा चुके खिलाड़ियों की सूची भी विभाग के पास नहीं है। अब सभी जिलों से खिलाड़ियों की जानकारी मांगी गई है।
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सिर्फ 29 खिलाड़ी?
वर्ष 2006 में विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में खेल विभाग ने प्रदेश के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों जो सूची उपलब्ध कराई थी, उसमें सिर्फ 29 नाम थे।
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खास बात यह है कि इस सूची में अर्जुन पुरस्कार विजेता पद्म बहादुर मल्ल, जसपाल राणा, ओलंपियन हरदयाल सिंह जैसे बड़े नाम शामिल नहीं हैं। इस पर सवाल भी उठे, लेकिन आठ वर्ष बाद भी विभाग सही सूची तैयार नहीं करवा सका।
उत्तराखंड का रहा दबदबा
भारतीय खेल प्राधिकरण के नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला में प्रदेश के कई भूतपूर्व खिलाड़ियों को आज भी याद किया जाता है। खासकर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर हरि सिंह थापा, अर्जुन अवॉर्डी पदम बहादुर मल्ल का आज भी वहां रुतबा है।
वहीं खेल जगत में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी त्रिलोक सिंह बसेड़ा को आयरन वाल ऑफ इंडिया की उपाधि दी गई थी, हरि सिंह थापा बॉक्सिंग के पितामह माने जाते हैं। बास्केटबॉल में हरिदत्त कापड़ी, हाकी में मास्टर हरदयाल सिंह, राजेंद्र सिंह, पर्वतारोहण में चंद्रप्रभा एतवाल, बछेंद्री पाल समेत कई खिलाड़ियों का नाम अदब से लिया जाता है।
2542 पूर्व खिलाड़ी!
खेल विभाग भले ही खिलाड़ियों की सूची तैयार नहीं करा सका हो, लेकिन वर्ष 2004 में प्रकाशित राज्य के खिलाड़ियों पर आधारित एक किताब के अनुसार प्रदेश में 2542 भूतपूर्व खिलाड़ी हैं।
इनमें से 114 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर चुके हैं, जबकि 16 को राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। किताब में यह भी जानकारी दी गई है कि इनमें से कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों में बस चुके हैं, कुछ अब दुनिया में नहीं रहे।
ये हैं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता
पद्मश्री: हरीश चंद्र सिंह रावत, हुकुम सिंह पांगती, चंद्रप्रभा एतवाल, जसपाल राणा, बछेंद्री पाल
राजीव गांधी खेल रत्न: अभिनव बिंद्रा
द्रोणाचार्य पुरस्कार: हंसा मनराल शर्मा
अर्जुन पुरस्कार: हरिदत्त कापड़ी, पद्म बहादुर मल्ल, चंद्रप्रभा एतवाल, सुरेंद्र सिंह वल्दिया, जेसी जोशी, जसपाल राणा, सुरेंद्र सिंह कनवासी, बछेंद्री पाल, हर्षवंती बिष्ट
खिलाड़ियों की सूची बनाई जा रही है। इसके लिए खेल विभाग के अधिकारियों के साथ ही जिला स्तर पर नाम मंगाए जा रहे हैं। जल्दी सूची तैयार हो जाएगी।
- दिनेश अग्रवाल, खेल मंत्री
पुरस्कार के बदले उत्तराखंड को पांच साल
पुरस्कार लें, लेकिन यह भी वादा करें कि अगले पांच साल तक किसी दूसरे राज्य से नहीं खेलेंगे और उत्तराखंड की टीम का हिस्सा बने रहेंगे।
खेल विभाग ने वर्ष 2014 में विभिन्न राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के आगे नकद पुरस्कार पाने के लिए यह शर्त रखी है। इन खिलाड़ियों को अनुबंध पत्र भरकर विभाग को देना होगा।
24 तक करें आवेदन
विज्ञप्ति के अनुसार एक जनवरी से 31 दिसंबर 2014 के बीच हुई प्रतियोगिताओं में पदक जीते खिलाड़ी पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 24 जनवरी है। खिलाड़ी और प्रशिक्षक डाक द्वारा या हाथोंहाथ खेल निदेशालय में आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।
आवेदन की शर्तें
- ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ी ही पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकेंगे
- राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने पर उत्तराखंड की टीम से प्रतिभाग करना अनिवार्य होगा
- खिलाड़ी को खेल पुरस्कार लेने से पहले पांच साल तक किसी दूसरे प्रदेश से न खेलने का अनुबंध पत्र भरकर खेल विभाग को देना होगा
- खिलाड़ी एक श्रेणी में सम्मानित होने के बाद उच्च श्रेणी में उपलब्धि हासिल करने पर दोबारा पुरस्कार प्राप्त कर सकता है
- प्रशिक्षक को खिलाड़ी या टीम के साथ 240 दिन तक नियमित प्रशिक्षण देना जरूरी है
- भारतीय ओलंपिक संघ से प्रमाणित पदक, स्थान की प्रतियां भी देनी होंगी