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'देश में टैलेंट की कमी नहीं, बस तराशने की जरूरत'
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 08 Jun 2014 12:13 PM IST
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देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। स्कूल लेवल से ही हमें खिलाड़ियों को तैयार करना होगा, तभी बिलियर्ड में आने वाले दिनों नंबर एक पायदान पर पहुंच पाएंगे। यह कहना है अर्जुन अवार्डी और बिलियर्ड में वर्ल्ड नंबर 2 आलोक कुमार का।
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वह शनिवार से यूटी गेस्ट हाउस में शुरू हुई एशियन बिलियर्ड और एशियन स्नूकर चैंपियनशिप में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसमें भारत सहित विदेशी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। ओएनजीसी में बतौर डिप्टी मैनेजर कार्यरत आलोक कुमार पिछले 25 साल से विदेश में बिलियर्ड एवं स्नूकर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
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बैडमिंटन से बिलियर्ड तक का सफर
आलोक ने बताया वह पहले बैडमिंटन खेला करते थे। साथ ही पूल का टेबल भी लगा रहता था, जहां लोग बिलियर्ड खेला करते थे। वहीं से बिलियर्ड खेलने का सफर शुरू हुआ। वह मेहनत और लगन के बल पर लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए। इसी के चलते बिलियर्ड एवं स्नूकर फेडरेशन ने उनका नाम पद्मश्री के लिए भेजा है।
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टफ चैलेंज मिलेगा
चैंपियनशिप के बारे में आलोक कु मार ने बताया मौजूदा वर्ल्ड नंबर-1 सिगांपुर के पीटर गिलक्रिस्ट और थाईलैंड के टॉप सीड परयूथ के साथ भारत के वर्ल्ड नंबर-1 रह चुके रुपेश शाह और सौरव के आने से यहां कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
आलोक की उपलब्धियां
- 1987 में पहली बार नेशनल चैंपियन बने
- 6 बार नेशनल के बिलियर्ड चैंपियन
- 2004 में जार्डन में एशियन स्नूकर चैंपियन
- 2013 में बिलियर्ड में वर्ल्ड नंबर 2 बने