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छात्रवृत्ति की दूसरी सूची में खिलाड़ियों संग बड़ा ‘खेल’

Thu, 29 Jan 2015 10:16 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 29 Jan 2015 10:16 AM IST
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scholarship for players.

उत्तराखंड में खेल छात्रवृत्ति की दूसरी सूची में भी ‘खेल’ किया गया है। खेल मेले में जीतोड़ मेहनत के बाद पहला स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को फिर हाशिये पर रखा गया है।

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गड़बड़ी की शिकायत के बाद जारी हुई ये सूची
जबकि दूसरा स्थान हासिल करने वाले या फिर सेमीफाइनल में बाहर होने वाली टीमों के खिलाड़ियों पर खेल विभाग मेहरबान हुआ है। खेल छात्रवृत्ति में गड़बड़ी की शिकायत के बाद खेल विभाग ने यह दूसरी सूची जारी की है। लेकिन इसमें सिर्फ नाम बढ़ा दिए गए हैं, बदलाव कुछ नहीं किए गए।
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राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित खेल मेले में छात्रवृत्ति के लिए फुटबॉल और एथलेटिक्स में चहेतों को सूची में जगह दे दी गई थी। ‘अमर उजाला’ में मुद्दा उठने के बाद विभाग ने पुरानी सूची रोक दी। निदेशालय स्तर पर रिजल्ट के आधार पर नई सूची तैयार करने की बात कही।
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साथ ही सूची तैयार की स्पोर्ट्स कॉलेज के माध्यम से छात्रवृत्ति देने की बात कही। मगर नई सूची में खिलाड़ियों की संख्या 14 से बढ़ाकर 19 कर दी गई है, लेकिन प्रतियोगिताओं में पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को भी फिर नजर अंदाज कर दिया गया है।

खासकर एथलेटिक्स और फुटबाल में खिलाड़ियों के चयन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। दूसरी ओर चयन समिति के सदस्य खिलाड़ियों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों और टाइमिंग का हवाला दे रहे हैं।

खिलाड़ियों की सूची तैयार हो गई है, इस बार स्पोर्ट्स कालेज के माध्यम से छात्रवृत्ति दी जाएगी। जो नाम छूट गए थे, उनको रिजल्ट के अनुसार सूची में जगह दी गई है।

- अजय अग्रवाल, उप निदेशक, खेल

सवाल
- एथलेटिक्स में टाइमिंग का नियम था तो पहले से सभी नियम बताए क्यों नहीं गए?
- रजत पदक जीतने के बावजूद एक खिलाड़ी को छात्रवृत्ति की सूची में जगह कैसे मिली?
- स्वर्ण पदक जीतने के बावजूद खिलाड़ियों क्यों नहीं मिल रही छात्रवृत्ति?
- फुटबाल सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों का नाम छात्रवृत्ति की सूची में क्यों?
- क्या स्वर्ण जीतने वाली टीम में नहीं थे खिलाड़ी, तो फिर कैसे फाइनल जीती टीम?
- क्या उपविजेता टीम में भी नहीं थे खिलाड़ी, तो फिर कैसे जीती सेमीफाइनल?
- एकतरफा सेमीफाइनल में मात खाने के बाद भी टीम कैसे हुई अव्वल?

ये थे खेल
फुटबॉल (सिर्फ बालक वर्ग)
खो-खो, कबड्डी और वालीबाल (बालक एवं बालिका वर्ग)
एथलेटिक्स- 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर व 4 गुणा 100 मीटर की दौड़, भाला फेंक, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक (बालक एवं बालिका वर्ग)

छात्रवृत्ति की पुरानी सूची
एथलेटिक्स (बालिका वर्ग)
राधा, सेंट लारेंस स्कूल मसूरी
गोल्ड- 800 मीटर, 1500 मीटर, 400 मीटर

रिंकी बिंद, आरपीएम रायपुर
रजत-800 मीटर, 200 मीटर

खो-खो
बालक वर्ग- रविंद्र सिंह रावत, आशीष कंडारी, राइका छिद्दरवाला
बालिका- प्रियंका नेगी, वैशाली, होसीबुमु जैन विकासनगर
फुटबाल- रितिक थापा, राहुल सिंह बिष्ट- गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज
वालीबाल- हरदेव सिंह, अनिकेत भट्ट- जीआईसी सौड़ा सरोली

कबड्डी

बालक- विनोद चौहान, राकेश बिष्ट - डीएवी इंटर कालेज करनपुर
बालिका- प्रियंका फरस्वाण, सोनिया - श्री गुनापबाइका प्रेमनगर

नई सूची में इनके नाम बढ़े
ममता भट्ट, एमकेपी इंटर कॉलेज
100 मीटर, 200 मीटर में स्वर्ण

गगन पुन- फुटबॉल, गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज
दीपक वर्मा- कबड्डी- राइका बालावाला
आरती- कबड्डी- राइका बालावाला
सागर- वालीबाल- राइका थानो

स्वर्ण जीतने पर भी नाम नहीं

बालिका वर्ग-
लंबी कूद- पूजा भट्ट, एमकेपी इंटर कॉलेज
ऊंची कूद- मेघा, एसजीआईसीएसएस सहसपुर
गोला फेंक- निशा
भाला फेंक- रविता

बालक वर्ग
800 मीटर- आशीष नेगी, संजय पब्लिक इंटर कॉलेज
लंबी कूद- ऋषभ
100 मीटर में स्वर्ण और रजत-200 मीटर- राजकिरण
1500 मीटर- अनीश
गोला फेंक- संतोष
200 और 400 मीटर- अमन
ऊंची कूद- राकेश
भाला फेंक - रोहन

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