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बड़े खिलाड़ियों को ही मिल रहीं सुविधाएं: पीटी उषा
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Updated Wed, 11 Feb 2015 01:54 PM IST
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उड़नपरी पीटी उषा और उड़न सिख मिल्खा सिंह के बाद एथलेटिक्स के मैदान में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं आया जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक ला सके और देश का नाम रोशन कर सके।
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एथलीट्स के न उभरने के कारणों को किया रेखांकित
पदकों के सूखे को गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर पद्मश्री पीटी उषा भी महसूस करती हैं। 35वें राष्ट्रीय खेल के दौरान शहर के यूनीवर्सिटी स्टेडियम में अमर उजाला से बातचीत में पीटी उषा ने एथलीट्स के नहीं उभरने के कारणों को रेखांकित किया।
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पीटी उषा कहती हैं कि सरकार खिलाड़ियों को तैयार तो कर रही है, लेकिन सिर्फ बड़े खिलाड़ियों को ही इसका लाभ मिल रहा है। जबकि ग्रास रूट को मजबूत करना जरूरी है। कहती हैं कि जब ग्रास रूट मजबूत होता है तभी पदक की उम्मीद होती है। ग्रास रूट के खिलाड़ियों को सुविधाएं मिलें इसके लिए स्कूल स्तर से प्रयास होने चाहिए।
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उषा ने कहा कि देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ी कई हैं, लेकिन मेहनत बहुत कम कर रहे हैं। हर तरह की सुविधाएं खिलाड़ियों को मिल रही हैं, जबकि मेरे समय में यह न के बराबर थी। खिलाड़ी अपनी मेहनत से आगे बढ़ते थे। ट्रैक एंड फील्ड में कठिन मेहनत की जरूरत होती है, जिसके दम पर मेडल की उम्मीद कर सकते हैं।
उषा कहती हैं कि एथलेटिक्स में 10 साल की उम्र के बाद ही मैदान में उतरना चाहिए। इससे कम उम्र में खिलाड़ी पर बोझ डालने से वह लंबे समय तक नहीं खेल सकता। 10 साल की उम्र के बाद खिलाड़ी को 4-5 साल की कठिन मेहनत करनी जरूरी है। बताया कि वे एक एकेडमी के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की कोशिश कर रही हैं।