इंच दर इंच नापना होगा राष्ट्रीय खेल का सफर
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भारतीय ओलंपिक संघ ने 2018 में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड को दी है, लेकिन प्रदेश को इसके लिए जमीन से शुरुआत करनी होगी।
खेल के हिसाब से उत्तराखंड काफी पीछे
दरअसल, राज्य गठन के 14 साल बाद भी प्रदेश में न तो खेल नीति अस्तित्व में आ सकी है, न ही बुनियादी खेल ढांचा विकसित हो सका है। अब हालांकि, खेल नीति का ड्राफ्ट तैयार है लेकिन मैदानों की स्थिति, अवस्थापना विकास के लिहाज से प्रदेश काफी पीछे है। काम की धीमी गति के कारण कई योजनाएं लटकी हुई हैं।
राष्ट्रीय खेलों में शामिल कई खेल ओलंपिक स्तर के होते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि तीन साल के भीतर न सिर्फ खेल का बुनियादी ढांचा बेहतर हो, बल्कि व्यवस्थाएं भी ऐसी हों कि देशभर में उत्तराखंड मिसाल कायम कर सके।
लटकी हुई योजनाएं
- देहरादून के स्पोर्ट्स कॉलेज में बना आइस स्केटिंग रिंक लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है, यहां लगी मशीनें जंक खा रही हैं
- परेड ग्राउंड में खेल परिसर का निर्माण मार्च 2014 में होना था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है
- स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में सात करोड़ रुपए से बना सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनने के बाद से वीरान पड़ा हुआ है
- स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में अब तक डबल बॉक्सिंग हाल नहीं बन सका है, जबकि इसका काम पूरा होने की अवधि अगस्त 2014 रखी गई थी
इनसे हैं उम्मीद
आयोजन के लिए प्रदेश सरकार को टिहरी बांध झील, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम देहरादून और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम हल्द्वानी से उम्मीद है।
लेकिन इनमें से दोनों स्टेडियम अभी अस्तित्व में नहीं हैं। दोनों जगह बुनियाद जरूर खोदी जा चुकी है। ऐसे में राष्ट्रीय खेलों के लिए दोनों जगह निर्माण कार्य तेजी से करने के साथ गुणवत्ता पर भी खास ध्यान देना होगा।
ये होंगे ओलंपिक के खेल
तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बीच वॉलीबॉल, बॉक्सिंग, केनो सलालम, केनो स्प्रिंट, साइकलिंग बीएमवी, साइकलिंग माउंटेयन बाइक, साइकलिंग रोड, साइकलिंग ट्रैक, डाइविंग, तलवारबाजी, फुटबॉल, गोल्फ, जिमनास्टिक आर्टिस्टिक, जिमनास्टिक रिदमिक, इक्वेस्ट्रेन ड्रेसिंग, इक्वेस्ट्रेन इवेंटिंग, इक्वेस्ट्रेन जंपिंग, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, रोइंग, रग्बी, मॉडर्न पेंटाथलोन, सेलिंग, निशानेबाजी, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, टेनिस, ट्रेंपोलाइन, ट्राइथलॉन, बॉलीबॉल, वाटर पोलो, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग फ्री स्टाइल, रेसलिंग ग्रीक-रोमन
ये शीतकालीन खेल शामिल
एल्पाइन स्कीइंग, बेथलोन, बॉब स्लेज, क्रॉस कंट्री स्कीइंग, सरलिंग, फिगर स्केटिंग, फ्री स्टाइल स्केटिंग, आइस हॉकी, लूग, नॉर्डिक कांबिनेड, शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग, स्केलेटन, स्की जंपिंग, स्नो बोर्ड, स्पीड स्केटिंग
12 साल से नहीं हुए राज्य खेल
उत्तराखंड सरकार और उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन ने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी तो हासिल कर ली है, लेकिन दोनों को आयोजन के लिए बड़ी मेहनत करनी होगी। दोनों की मंशा भले बेहतर हो, लेकिन वर्ष 2002-03 के बाद से प्रदेश में अब तक राज्य खेल न हो पाना संदेह खड़े करता है।
अभी यह है योजना
राष्ट्रीय खेलों के खाके का खेल विभाग ने अभी खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में 32 खेलों का यह आयोजन 14 दिवसीय होगा। खेल विभाग ने इसके लिए 800 से 1000 करोड़ रुपए का अनुमानित प्रस्ताव बनाया है। करीब 500 खिलाड़ियों के लिए सात हजार हास्टल रूम वाले 800 अपार्टमेंट बनाने की योजना है।
यह बात सही है कि राष्ट्रीय खेल के लिए बड़ा बुनियादी ढांचा चाहिए। इसके लिए पूरी टीम की जरूरत है। शासन स्तर पर बैठक में योजना तय होगी। आइस रिंक का भी उपयोग होगा, स्टेडियम, हाल और अन्य सुविधाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। इन्हें समय पर पूरा करने की कोशिश की जाएगी। भारतीय ओलंपिक संघ की टीम के निरीक्षण के बाद खेलों के आयोजन, खेल गांव के लिए प्रस्ताव तैयार होंगे।
- अजय अग्रवाल, उप निदेशक खेल