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चंदे के पैसे से उत्तराखंड में तैयार हो रहे खिलाड़ी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 09 Sep 2015 11:42 AM IST
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उत्तराखंड में सरकारी शिक्षा की दशा सुधारने और खेलों के विकास की तमाम योजनाएं हवाई साबित हो रही है। शिक्षा विभाग में संकुल स्तर पर आयोजित की जा रही खेलकूद प्रतियोगिताओं का हाल देखकर हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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स्कूल स्तर पर खिलाड़ी तैयार करने का दावा कर जो प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, उसके लिए विभाग एक फूटी कौड़ी की व्यवस्था नहीं की है। आलम यह है कि शिक्षकों को चंदा मांगकर प्रतियोगिता आयोजित करनी पड़ रही है। मंगलवार को गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज में सहसपुर, इंदिरानगर संकुल की प्राथमिक और जूनियर स्कूलों की खेलकूद प्रतियोगिता शुरू हुई।
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प्रतियोगिता के लिए मैदान तक तैयार नहीं किया गया और स्कूली बच्चों को करीब एक फीट ऊंची घास वाले मैदान में दौड़ लगाने को मजबूर होना पड़ा। शिक्षकों के अनुसार, प्रतियोगिता के लिए विभागीय स्तर पर एक रुपया नहीं मिला है। खिलाड़ियों को स्कूलों से लाने, खाने-पीने व अन्य व्यवस्थाओं के लिए उन्हें लोगों से चंदा मांगना पड़ा।
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ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के लिए भी बजट की व्यवस्था नहीं है। जिला स्तर पर आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं के लिए जरूर विभाग पैसा आवंटित करता है, लेकिन वह भी कई-कई महीनों बाद शिक्षकों को मिल पाता है।
संकुल स्तर पर खेल प्रतियोगिता के लिए बजट का प्रावधान नहीं है। बाकि बजट जिलों को आवंटित किया गया है, इसके अनुसार ही तमाम स्तरों पर व्यवस्थाएं जुटानी होती है। शासन को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है।
- सीमा जौनसारी, निदेशक, प्राथमिक शिक्षा उत्तराखंड