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खिलाड़ियों को नसीब नहीं खाना, पानी और बिस्तर

Wed, 10 Sep 2014 01:33 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 10 Sep 2014 01:33 PM IST
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no food and water for players in dehradun

उत्तराखंड शिक्षा विभाग की राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ियों को मंगलवार को दिन में जहां खाना और पानी ढंग से नहीं मिला, वहीं रात में बिछाने को बिस्तर भी नसीब नहीं हुआ।

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बिछाने को बिस्तर भी नसीब नहीं हुआ
पतली सी दरी पर अधिकतर खिलाड़ी मेडल के सपने देखते पाए गए। हालांकि, मेजबान जिले के आयोजक खिलाड़ियों और टीमों को हर सुविधा देने का दावा कर रहे हैं।

राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए 12 जिलों की सब जूनियर, जूनियर और अंडर-19 बालक-बालिका टीमों के खिलाड़ियों के रहने के लिए आयोजन समिति ने अलग-अलग स्कूलों में इंतजाम किया है।
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गांधी इंटर कॉलेज दर्शनलाल चौक, वर्णी जैन इंटर कॉलेज, जीजीआईसी अजबपुर, गुरु नानक इंटर कॉलेज, राइका खुड़बुड़ा, सीएनआई बालक इंटर कॉलेज, गीता भवन, कालूमल धर्मशाला और एमकेपी इंटर कॉलेज सहित अन्य स्कूलों में बालक-बालिका टीमों को ठहराया गया है।
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मंगलवार रात अमर उजाला की टीम ने खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था का जायजा लिया। रात 10 बजे दर्शनलाल चौक स्थित गांधी इंटर कॉलेज पहुंचे तो यहां पर टिहरी जिले की बालक वर्ग की टीम के साथ आए शिक्षक, कोच और मैनेजर एक कमरे में खाना खा रहे थे, जबकि साथ वाले कमरे में 30 खिलाड़ी दरवाजा बंद करके सोए थे।

दरवाजा खोल कर देखा तो बच्चे पतली सी दरी पर सोए पड़े थे। इनमें से कुछ के पास ओढ़ने के लिए चादर थी, लेकिन अधिकतर बिना चादर के सोए थे। कोच और मैनेजर ने बताया कि ओढ़ने का इंतजाम बच्चों को खुद करना पड़ता है। मेजबान केवल बिस्तर की व्यवस्था करता है।

इसी तरह सीएनआई बालक इंटर कॉलेज पलटन बाजार और वर्णी जैन इंटर कॉलेज आदि में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।

रेफरी न मेडिकल सुविधा
राज्य स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में पहले दिन रेफरी ही उपलब्ध नहीं थे। स्पोर्ट्स कॉलेज के वॉलीबॉल कोच व अन्य जिलों से आए वॉलीबॉल प्रशिक्षकों ने यह भूमिका निभाई। रेफरी टेबल पर विभिन्न जनपदों से टीम लेकर पहुंचे कोच व मैनेजरों को खानापूर्ति के लिए बैठा दिया गया।

इसके अलावा आयोजन स्थल पर मेडिकल सुविधा तक उपलब्ध नहीं थी। दोपहर करीब तीन बजे सभी ऑफिशियल्स भोजन के लिए आयोजन समिति के सदस्यों से शिकायत करते दिखाई दिए। सूत्रों के अनुसार प्रतियोगिता के लिए विभिन्न जिलों के करीब डेढ़ सौ शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन मैदान पर 50 शिक्षक भी मौजूद नहीं थे।


ऐसे तो हो गया नेशनल
स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी इस वर्ष देहरादून को सौंपी है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आगाज से राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। यदि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता जैसे हालात नेशनल में भी रहे तो विभाग की किरकिरी होना तय है।

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