{"_id":"2c58635945252ab58e231db690f1e350","slug":"no-female-sports-coach-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में नहीं महिला कोच, तो कैसे बनें चैंपियन","category":{"title":"Sports Archives","title_hn":"खेल आर्काइव","slug":"sports-archives"}}
शहर में नहीं महिला कोच, तो कैसे बनें चैंपियन
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Jun 2014 12:28 PM IST
विज्ञापन
गोगा की हरमनप्रीत कौर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का उपकप्तान बनाए जाने के बाद उनकी राह पर शहर की महिला क्रिकेटर भी आगे बढ़ना चाहती हैं, लेकिन महिला क्रिकेट कोच न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वहीं, शहर में अभी तक महिला क्रिकेटरों के लिए अलग से कोई एकेडमी तक नहीं है। इसके बावजूद सिटी ब्यूटीफुल में कई प्रतिभाशाली महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने नेशनल लेवल पर अपनी टीम को चैंपियन बनाया।
विज्ञापन
स्कूल ग्राउंडों में कर रहीं प्रैक्टिस
शहर के स्कूलों ग्राउंडों में पूरी सुविधा न होने के बावजूद भी महिला क्रिकेटर अपनी प्रतिभा निखार रहीं हैं। शहर की महिला क्र्रिकेट टीम 2011 में अंडर-19 जूनियर वुमन क्रिकेट नेशनल चैंपियन का खिताब जीत चुकी है। इसमें देश की 8 महिला क्रिकेट टीमों ने हिस्सा लिया था।
विज्ञापन
विजेता टीम की सदस्य काजल, रीना, कुसम, सरीता, सोनिया और ज्योति जीएमएसएसएस-56 की छात्रा रहीं हैं। वहीं, 2012 में फिरोजाबाद में शहर की वुमन टीम दूसरे स्थान पर रही। जीएमएसएसएस-56 की क्रिकेटर रीना कहती हैं कि अपने स्कूल में क्रिकेट खेलतीं हैं।
शहर मे महिला क्रिकेट टीम के लिए अलग से कोई एकेडमी नहीं है। अन्य खिलाड़ी बलविंदर कहती हैं कि महिला क्रिकेटरों के लिए महिला कोच होनी चाहिए। वहीं, देवसमाज स्कूल-21 में भी महिला क्रिकेटर पसीना बहाती हैं।
ये कहना है अधिकारियों का
महिला क्रिकेट कोच और अलग से क्रिकेट एकेडमी के लिए कई बार स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट व प्रशासन को लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
रानी शर्मा, जनरल सेक्रेटरी, चंडीगढ़ वुमन क्रिकेट एसोसिएशन
डिपार्टमेंट खिलाड़ियों को बेहरतीन इंफ्रास्ट्रक्चर देने का प्रयास किया जा रहा है। चंडीगढ़ वुमन क्रिकेट एसोसिएशिन चाहे तो खुद अपना कोच रख सकती है।
केएस भारती, डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स अफसर