टीम इंडिया में उत्तराखंड के मनीष पांडे की एंट्री
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कोलकाता नाइटराइडर्स के आक्रामक बल्लेबाज मनीष कृष्णानंद पांडे ने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम में जगह बनाकर उत्तराखंड का नाम रोशन कर दिया है।
महेंद्र सिंह धोनी और एकता बिष्ट के बाद मनीष पांडे भारतीय टीम में जगह बनाने वाले तीसरे उत्तराखंडी खिलाड़ी हैं। वे उन्मुक्त चंद की तरह अंडर-19 विश्व कप भी खेल चुके हैं। आईपीएल के पहले सत्र में शतक बनाकर मनीष पांडे ने क्रिकेट जगत में उपस्थिति दर्ज कराई थी।
बागेश्वर जिले के दफौट क्षेत्र के भीड़ी गांव के मूल निवासी मनीष का जन्म 10 सितंबर 1989 को नैनीताल में हुआ था। लेकिन पिता का ट्रांसफर हो जाने के कारण मनीष को यहां रहने का अधिक मौका नहीं मिल सका।
पिता का ट्रांसफर होने के बाद मनीष 15 साल की उम्र में बंगलुरू पहुंचे। यहां मनीष ने अपने बल्ले की चमक बिखेरी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलेंगे सीरीज
मनीष ने केएससीए लीग में शानदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कर्नाटक की अंडर-17, 19 टीम में शामिल होने के बाद 2008 में रणजी कैप भी हासिल कर ली।
रेलवे के खिलाफ मनीष ने रणजी ट्रॉफी मैचों का आगाज किया और 2008 में ही सौराष्ट्र के खिलाफ रणजी वनडे खेला था। आईपीएल 2014 और चैंपियंस ट्रॉफी में कोलकाता नाइटराइडर्स के मध्यक्रम के बल्लेबाज मनीष के प्रदर्शन ने उनको भारतीय टीम तक पहुंचा दिया।
वे वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेलेंगे। इससे पहले वे रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू, मुंबई इंडियंस, पुणे वारियर्स के लिए भी खेल चुके हैं।
फर्स्ट क्लास के 58 मैचों में मनीष 12 शतक और 19 अर्द्धशतकों की मदद से 4110 रन बना चुके हैं जिसमें 218 रन उनका उच्चतम स्कोर है। लिस्ट ए के 62 मैचों में 1501 रन बनाए हैं। वहीं टी-20 के 106 मैचों में 1 शतक और 11 अर्धशतक लगाकर वे 2373 रन बटोर चुके हैं।