'स्विस ओपेन' में लक्ष्य सेन ने फहराया तिरंगा
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अंडर-19 विंबल्डन चैंपियन लक्ष्य सेन ने अब स्विट्जरलैंड में स्वर्ण पदक जीतकर देश का झंडा बुलंद किया है। 13 वर्षीय लक्ष्य सेन ने एक महीने के भीतर विदेशी धरती पर दूसरा स्वर्ण पदक जीता है। उधर, मिक्स डबल्स के सेमीफाइनल में हारने के बाद कुहू गर्ग व एम आर अर्जुन की जोड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
अल्मोड़ा के तिलकपुर मोहल्ला निवासी लक्ष्य सेन का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में यह नौवां पदक है। बेसल स्विट्जरलैंड में आयोजित स्विस जूनियर ओपन इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट के अंडर-19 एकल वर्ग में रविवार को लक्ष्य सेन का खिताबी मुकाबला भारत के ही राहुल भारद्वाज से हुआ।
लक्ष्य सेन ने 11-5, 11-6, 6-11, 11-6 से जीत दर्ज कर खिताब पर कब्जा किया। इससे पहले सेमीफाइनल में लक्ष्य ने भारत के ही साहिल सिपानी को 10-11, 11-10, 11-5, 11-4 से हराया था। वहीं कुहू गर्ग व एमआर अर्जुन की भारतीय जोड़ी को मिक्स डबल्स के सेमीफाइनल में फ्रांस के रोनन गूगेन व वर्लेन फैलमेन ने 11-6, 6-11, 7-11, 11-10, 11-10 से हराया।
स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन करेगी सम्मानित
उत्तराखंड स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार और सचिव बीएस मनकोटी ने लक्ष्य और कुहू को 51-51 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने दोनों खिलाड़ियों की सफलता पर बधाई दी है साथ ही घर वापसी पर सम्मानित करने की बात कही है।
शानदार रहा टूर
अंडर-19 विंबल्डन और स्विस जूनियर ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतने के बाद लक्ष्य ने कहा कि मैंने कभी जीत के लिए शुरू में नहीं सोचा। जैसे-जैसे में टूर्नामेंट और मैच में खेलता जाता हूं, मेरा आत्मविश्वास बढ़ता है। इस टूर्नामेंट से बहुत सीखने को मिला है।
कांस्य जीतने वाली कुहू गर्ग ने कहा कि यूरोपीय टूर उनके लिए बहुत शानदार रहा है। विदेश में पहला स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही कांस्य भी जीता। इस सफलता से आगे अधिक मेहनत और खेल में सुधार की प्रेरणा मिलती रहेगी।