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अंडरटेकर में दम है तो देश से बाहर निकलकर मुझसे फाइट करें: खली

Tue, 19 Jan 2016 09:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Tue, 19 Jan 2016 09:11 PM IST
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khali challenge undertaker to fight in India.

अंतरराष्ट्रीय रेसलर दलीप सिंह राणा उर्फ ग्रेट खली ने अंडरटेकर को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि ‘ऑडियंस तुम्हारी थी, क्राउड भी तुम्हारा था और देश भी तुम्हारा, तब भी मैने तुम्हें पीटा था। अब ऑडियंस हमारी होगी, क्राउड भी हमारा होगा और देश भी। दम है तो बाहर निकलो और मुझसे फाइट करो। फिर देखेंगे किसमें कितना दम है।’

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खली ने कहा 15 साल तक मैंने उनकी धरती पर रेसलिंग की है। खली ने जॉनसीना, बिगशो को भी कॉंटिनेंटल रेसलिंग इंटरटेनमेंट (सीडब्लयूई) में 24 फरवरी को हल्द्वानी और 28 फरवरी को देहरादून में आकर लड़ने को कहा।
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पत्रकारों से बातचीत में खली ने कहा कि सीएम फॉर यूथ की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम ‘द रिटर्न ऑफ ग्रेट खली’ के नाम से जाना जाएगा। इसमें 14 देशों के रेसलर हिस्सा लेंगे। इसमें दस पुरुष रेसलर और चार महिला रेसलर होंगी। इसके अलावा 14 भारतीय रेसलर भी इस मुकाबले में हिस्सा लेंगे।

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पैसा कमाना होता तो किसी मेट्रो सिटी से करता वापसी

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उन्होंने कहा कि आज मैं इस मंच के माध्यम से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सभी रेसलरों को चुनौती देता हूं कि यदि उनमें देश से बाहर निकलकर लड़ने का माद्दा है तो यहां आएं और मुझसे मुकाबला करें।

खली ने कहा कि यदि मैं चाहता और मुझे पैसा कमाना होता तो किसी भी मेट्रो सिटी से अपनी वापसी कर सकता था, लेकिन मैंने उत्तराखंड को चुना क्योंकि यह छोटा सा राज्य है, लेकिन यहां खेलों का काफी क्रेज है। नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर यहां के खिलाड़ी अच्छा कर रहे हैं। सरकार भी नए-नए स्टेडियम बनाकर खेलों को बढ़ावा दे रही है। मुझे लगा कि मेरी वापसी के लिए उत्तराखंड से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती।

लेबरों के साथ किया भोजन
प्रशासन ने खली के लिए अलग से भोजन की व्यवस्था की थी, लेकिन जब उनसे भोजन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ‘मैं यहां काम करने वाले लेबरों के साथ भोजन करूंगा। अपनों के बीच आकर काफी अच्छा लगता है।’

मुझे यह कहने में बिल्कुल भी शर्म नहीं है कि मैं एक मजदूर था। मैंने मजदूरी की है और दबा कर की है। शायद यह ईमानदारी का ही नतीजा है कि मुझे आप सबका प्यार मिला। आज मेरे पास हॉलीवुड के कई कॉंट्रेक्ट हैं, यूएस में मेरा बिजनेस है और घर भी।

'विदेशों में गरीब खाते हैं बर्गर पिज्जा, इससे दूर रहें'

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खली ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे बर्गर और पिज्जा से दूर रहें। विदेशों में बर्गर और पिज्जा गरीब लोग खाते हैं, लेकिन हमारे यहां यह स्टेटस सिंबल बन गया है। यूथ प्रोपर डाइट लें और जंक फूड से दूर रहें। अपने माता-पिता, टीचर और कोच का कहना मानें और इस देश का नाम रोशन करें।

जब खली को ‘लाटा’ कहकर पुकारा
सीएम फॉर यूथ के संयोजक हरिपाल रावत ने बताया कि दलीप सिंह राणा उर्फ खली का एक नाम ‘लाटा’ भी है। उन्होंने कहा कि खली के गांव में सब लोग उन्हें पहले ‘लाटा’ कहकर ही बुलाते थे, ‘लाटा’ का मतलब होता है सीधा-सादा। यह सुनते ही सब तालियां बजाने लगे।

बेशक लाठी मार लो साहब...
खली को एक नजर देखने के लिए हर कोई उतावला था, फिर चाहे वो बुजुर्ग हो, बच्चा हो या यूथ। मजदूरों में भी खली को लेकर काफी क्रेज था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब खली अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे तो एक लेबर उनसे मिलने के लिए भीड़ में घुस रहा था। इस पर एक पुलिस वाले ने उसे लाठी दिखाई तो मजदूर बोला ‘बेशक लाठी मार लो साहब, हाथ तो मिलाकर जाऊंगा।’

खेल मंत्री ने किया स्टेडियम का निरीक्षण

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खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने खली और पद्मश्री जसपाल राणा के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने नागार्जुन कंपनी के अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर सीएम फॉर यूथ पेज बनाया है, जिस पर कोई भी युवा अपनी समस्या रख सकता है। मुख्यमंत्री रोजाना इस पेज का अवलोकन करते हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार रंजीत रावत, पद्मश्री जसपाल राणा, डीएम दीपक रावत, सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह, एसडीएम पंकज उपाध्याय, सहायक निदेशक अख्तर अली, डीएसओ रशिका सिद्दीकी, सहायक क्रीड़ाधिकारी बबीता बिष्ट, पूनम मेहता, नीता पोखरियाल आदि मौजूद थे।

10000 बच्चे होंगे चीफ गेस्ट, यूएसए से मंगाया रिंग

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24 और 28 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले 10000 बच्चों को चीफ गेस्ट बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें पांच हजार बच्चे हल्द्वानी और पांच हजार देहरादून में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इन सभी बच्चों के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था सरकार करेगी।

सीएम के औद्योगिक सलाहकार रंजीत रावत ने बताया कि इसके लिए हर जिले का एक कोटा होगा। बच्चों को खेल विभाग में आवेदन करना होगा। वही बच्चे चुने जाएंगे जो खिलाड़ी होंगे। इसके अलावा स्कूलों से भी बच्चे चुने जाएंगे।
 
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगा रिंग
आईबीएस के चेयरमैन अमरजीत सिंह ने बताया कि यूएसए से रिंग मंगाया गया है। रिंग अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगा। यह भारत की पहली फाइटिंग लीग होगी। रेसलरों के लिए ग्रीन रूम तैयार किए जा रहे हैं। करीब 16 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इसमें करीब पचास फीसदी टिकटों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। टिकट का मूल्य अभी तय नहीं हुआ है।

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