दुनिया देखेगी उत्तराखंड की बेटी के पंच का दम
उत्तराखंड की मुक्केबाज कमला बिष्ट के पंच का दम अब विश्व स्तर पर दिखाई देगा। फायरफैक्स वर्ल्ड पुलिस एवं फायर गेम्स के लिए कमला बिष्ट का चयन भारतीय पुलिस टीम में किया गया है।
कमला बिष्ट को बॉक्सिंग टीम में जगह दी गई है। जबकि उत्तराखंड के ही बॉक्सर जगत बेलाल के फिट नहीं होने पर उनका अंतिम समय पर चयन नहीं हो सका।
अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत में 25 जून से दुनियाभर की पुलिस के जवानों और फायरकर्मियों के बीच खेलों का महामुकाबला शुरू होगा और यह पांच जुलाई तक चलेगा। इसमें भारतीय पुलिस बॉक्सिंग टीम में पिथौरागढ़ जिले की महिला मुक्केबाज कमला बिष्ट का चयन 57 किलो भार वर्ग में किया गया है।
परेड ग्राउंड में बॉक्सिंग रिंग में आई कमला ने बताया कि साल 2003 में शौकिया तौर पर पहली बार बॉक्सिंग गलब्ज पहने थे, तब वहां मौजूद कोच किशन सिंह महर ने उन्हें बॉक्सिंग खेलने के लिए प्रेरित किया।
कमला ने जीते हैं कई पदक
साल 2004 और 2005 में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कांस्य पदक जीता तो जोश बढ़ा। इस बीच 2006 में पुलिस में भर्ती हुई। कमला बिष्ट ने बताया कि वह पहली बार वर्ल्ड पुलिस बॉक्सिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगी। इसके लिए पूरी तैयारी से जुटी हैं, जल्द ही वे टीम से भी जुड़ जाएंगी।
2007 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक जीता और बेस्ट बॉक्सर बनीं। इसी साल नैनीताल में हुई ओपन बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही बेस्ट बॉक्सर का खिताब मिला।
साल 2008 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य जीता, इसके बाद रूस में हुई आमंत्रण प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग किया। कमला ने बताया कि साल 2009, 2013 और 2014 में ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
साल 2012 में रजत और 2010, 2011 में कांस्य पदक जीता। साल 2009 में फेडरेशन कप में स्वर्ण पदक हासिल किया था।