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उत्तराखंड क्रिकेट में 15 साल बाद हुई अच्छे दिनों की आहट

Tue, 05 Jan 2016 05:21 AM IST
अभिषेक सिंह/अमर उजाला, देहरादून
अभिषेक सिंह/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 05 Jan 2016 05:21 AM IST
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justice lodha committee, good sign for uttarakhand cricket.

बीसीसीआई में पारदर्शिता लाने के लिए जस्टिस लोढ़ा की सिफारिशों में से एक सिफारिश यह भी है कि सभी राज्यों की एक एसोसिएशन हो और उनकी रणजी टीम होनी चाहिए। यह सिफारिश 15 साल से उत्तराखंड क्रिकेट की बंजर जमीन में बारिश की बूंद की तरह है।

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पहले बीसीसीआई जहां उत्तराखंड क्रिकेट को एसोसिएट मेंबर के तौर पर मान्यता देने की बात कह रहा था। इस सिफारिश पर अमल हुआ तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को उत्तराखंड को फुल मेंबरशिप देनी होगी।
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2000 में उत्तरप्रदेश से अलग होने के बाद से यूपीसीए के रहमोकरम पर उत्तराखंड के खिलाड़ी यूपी से ही खेल रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड के खिलाडियों के पास खुद को साबित करने के बहुत ही सीमित मौके होते हैं।
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पहाड़ की भौगोलिक परिस्थिति के हिसाब से दूर दराज के बेहतर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका ही नहीं मिलता है। जिन्हें मिलता भी है उन्हें ट्रायल से लेकर टीम के फाइनल सेलेक्शन के लिए इतनी भागदौड़ करनी पड़ती है कि उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है।

15 सालों से मान्यता का इंतजार कर रहा उत्तराखंड

justice lodha committee, good sign for uttarakhand cricket.

यह कोई एक दो साल से नहीं बल्कि 15 साल से हो रहा है। इस भागदौड़ से परेशान होकर कई प्रतिभावान खिलाड़ियों ने बल्ला खूंटी पर टांगकर इस खेल से ही भावुक मन से तौबा कर ली। जिनकी किस्मत साथ दी वो दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं।

हालांकि बीसीसीआई के ताजा रुख से उत्तराखंड क्रिकेट को मान्यता जल्द मिलने की उम्मीद जगी है। इस उम्मीद पर जस्टिस लोढ़ा की सिफारिशों ने सोने पर सुहागा का काम किया है। उत्तराखंड क्रिकेट से जुड़े पुराने और नए खिलाड़ी भी लोढ़ा की सिफारिशों से गदगद हैं।

इसके पीछे जहां एसोसिएशन को क्रिकेटरों के द्वारा ही संचालित किए जाने की बात की जा रही है। वहीं राज्य संघ में सिर्फ पूर्व क्रिकेटर हों, किसी नेता को कोई पद ना मिले।

बीसीसीआई में कोई मंत्री या सरकारी कर्मचारी ना हो। इसे लेकर भी काफी खुशी है। खिलाड़ियों का कहना है कि अलग-अलग पार्टी के नेताओं और उनके अलग-अलग एसोसिएशन में होने की वजह से यह मामला 15 साल से लटका हुआ है। सबके अपने-अपने स्वार्थ हैं। इन सिफारिशों के लागू होते ही उत्तराखंड क्रिकेट एक नई ऊंचाइयों को छुएगा।

एसोसिएशनों ने किया सिफारिशों का स्वागत

justice lodha committee, good sign for uttarakhand cricket.

लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में हैं। अब बीसीसीआई को लोढ़ा कमेटी की 30 राज्यों को फुल मेंबरशिप देने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और जितनी जल्दी हो सके इस पर मुहर लगानी चाहिए। ताकि उत्तराखंड के खिलाड़ियों का भला हो। हालांकि मैं लोढ़ा कमेटी की सट्टेबाजी वाली सिफारिश से इत्तेफाक नहीं रखता हूं।
-पीसी वर्मा, सचिव क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

लोढ़ा सिफारिशों का हम स्वागत करते हैं। इन सिफारिशों से उत्तराखंड क्रिकेट को बीसीसीआई को मान्यता मिलने की उम्मीद और बलवती हुई हैं। जहां तक राज्य संघ में किसी नेता के होने न होने की बात है तो मेरा मनना है कि अगर कोई नेता पहले क्रिकेटर रहा है और बाद में वह नेता बनता है तो उसे एसोसिएशन में शामिल होना चाहिए।
-चंद्रकांत आर्य, अध्यक्ष उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन

ये बात तो हम कब से चाह रहे थे, जिस पर आज लोढ़ा कमेटी ने मुहर लगा दी हैं। अब गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में है और उम्मीद ही नहीं पूरा यकीन है कि बीसीसीआई को लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए उत्तराखंड के साथ ही बचे हुए राज्यों को फुल मेंबरशिप देनी होगी।
-राजेंद्र पाल, यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन

हम लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों से पूरा इत्तेफाक रखते हैं। बीसीसीआई को भी चाहिए कि वह उत्तराखंड के बच्चों के भविष्य का ख्याल करते हुए राज्य के क्रिकेट को जल्द से जल्द मान्यता दे। ताकि उत्तराखंड की प्रतिभाओं का नाम देश और दुनिया में हो।
-दिव्य नौटियाल, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन

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