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अखबार में कोच की फोटो देखकर नितेंद्र में जागा हौसला
हिमांशु जोशी/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sun, 24 Jan 2016 05:11 PM IST
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‘छोटा था तो अक्सर अखबार में कोच साहब (सुरेंद्र भंडारी) की फोटो देखता तो सोचता था कि खेल बहुत बढ़ी चीज है, लेकिन खेलने का कभी सोचा नहीं।
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इसके बाद सेना में गया तो देखा कि खेल कोटे में भर्ती जवानों को टूर्नामेंट खेलने के बाद दस से 12 दिन की छुट्टी मिलती है, इसलिए मैंने भी सोचा क्यों न खेल में जाया जाए। इसलिए खेलना शुरू किया। धीरे-धीरे खेल में रुचि बढ़ने लगी और आज रिजल्ट आपके सामने है।’
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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नितेंद्र रावत ने कुछ इस तरह अमर उजाला से अपनी सफलता की कहानी बयां की। बता दें कि नितेंद्र ने 17 जनवरी को मुंबई में हुई मैराथन में नया इंडिया रिकार्ड बनाया है। शनिवार को मुंबई मैराथन में इंडिया रिकॉर्ड बनाने के बाद नितेंद्र अमर उजाला के हल्द्वानी कार्यालय पहुंचे।
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उन्होंने बताया कि बचपन में कोच साहब (सुरेंद्र भंडारी) की फोटो अखबार में देखता था तो सोचता था कि खेल बहुत बढ़ी चीज है, लेकिन खेलना का कभी सोचा नहीं। फिर 2005 में सेना में भर्ती हो गया। वहां देखा कि खेल कोटे में भर्ती जवानों को बहुत छुट्टी मिलती है तो किसी तरह मैं भी खेल कोटे में चला गया।
धीरे-धीरे खेलता रहा तो खेल के प्रति प्रेम बढ़ता गया। सुरेंद्र भंडारी सर ने काफी मेहनत कराई और मैंने भी मेहनत से कभी जी नहीं चुराया, आज बेहतर रिजल्ट सामने आ रहे हैं। हंसते हुए नितेंद्र कहते हैं कि जिन छुट्टियों के लिए खेल में गया था, आज खेल में इतनी मेहनत करनी होती है कि छुट्टी ही नहीं मिल पाती है।
घर जाने तक का टाइम नहीं है। नितेंद्र बताते हैं कि अभी ऊटी में जाकर ओलंपिक की तैयारी करनी है। इसके बाद गुवाहाटी में होने वाले दक्षिण एशियाई खेलों में हिस्सा लेना है। उसके बाद ओलंपिक है। उन्होंने कहा कि इस बार शायद पहली बार होगा, जब उत्तराखंड से कम से कम चार खिलाड़ी रियो ओलंपिक में एक साथ हिस्सा लेंगे। सरकार यदि कुछ सुविधाएं और बढ़ा दे तो यहां काफी टैलेंट है। हम इससे भी बेहतर कर सकते हैं।
ओलंपिक की वजह से शादी टाली
नितेंद्र की 22 जनवरी को गरुड़ में सगाई हुई है। नितेंद्र बताते है कि 16 फरवरी को शादी थी, लेकिन 12 फरवरी को दक्षिण एशियाई खेलों में इवेंट है, इसके बाद ओलंपिक। इस कारण ओलंपिक के बाद ही शादी करने का निर्णय लिया है।