भारतीय कोच बनाएगा हॉकी इंडिया को स्टार
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हॉकी की दो फेडरेशन बनने के कारण पिछले कुछ वर्षों में हॉकी का स्तर लगातार गिर रहा है। इससे खिलाड़ियों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। यह कहना है द्रोणाचार्य अवॉर्डी, अर्जुन अवॉर्डी, पूर्व ओलंपियन और भारतीय टीम के कोच रहे चुके राजिंदर सिंह का।
वह रविवार को सेक्टर-33 स्थित मारवल फिटनेस जिम का उद्घाटन करने आए थे। उनके साथ पूर्व ओलंपियन सुखबीर सिंह और राजपाल सिंह भी थे। राजिंदर सिंह ने कहा कि हॉकी इंडिया और इंडिया हॉकी फेडरेशन के बीच खिलाड़ी पिस कर रह गए हैं।
रजिंदर सिंह से भारतीय हॉकी टीम के लिए देशी कोच रखने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि देश के कोच किसी भी मामले में विदेशी कोचों से कम नहीं हैं और वह खिलाड़ियों को बेहतरीन ट्रेनिंग दे सकते हैं।
इससे विदेशी कोचों को दी जाने वाली भारी-भरकम राशि बचाई जा सकती है। इसी धन को खिलाड़ियों के विकास पर खर्च किया जा सकता है।
एशियन गेम्स में मेडल की उम्मीद
राजिंदर सिंह कहा कि मौजूदा भारतीय टीम से देश को बहुत उम्मीदें हैं। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारतीय टीम एशियन गेम्स में मेडल जीतने में कामयाब होगी।
हरियाणा से सीखें सबक
राजिंदर सिंह ने बताया कि वर्तमान में देश में सबसे ज्यादा खिलाड़ी हरियाणा से उभर रहे है। विदेशों में मेडल जीतने पर हरियाणा में खिलाड़ियों को सम्मानजनक धनराशि और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
बेहतरीन सुविधाएं मिलें
भारतीय हॉकी को यदि विदेशी टीमों के मुकाबले आगे बढ़ना है, तो ग्रास रूट लेवल से ही तैयारियां शुरू करनी होंगी। राजिंदर सिंह ने कहा कि देश में हॉकी के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर उपल्ब्ध करवाना चाहिए। इसके बाद ही नई प्रतिभाएं उभर कर सामने आ सकेंगी।