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Hindi News ›   Chandigarh ›   Hockey India League in Mohali

हॉकी इंडिया लीग को नहीं मिले दर्शक, जानिए क्यों

Thu, 20 Feb 2014 01:19 PM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 20 Feb 2014 01:19 PM IST
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Hockey India League in Mohali
हाकी इंडिया लीग संस्कण-2 में आयोजकों के लाख प्रयासों के बावजूद दर्शकों ने रुचि नहीं दिखाई। मोहाली में खेले गए हॉकी इंडिया लीग के मैचों में घरेलू दर्शकों का टोटा रहा।
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हालांकि, आयोजकों ने दर्शकों को स्टेडियम की ओर खींचने के लिए बालीवुड का तड़का लगाने के साथ पंजाबी सिंगर को प्रस्तुति के लिए बुलाया।

गौरतलब है कि मोहाली के नए बने इंटरनेशनल स्टेडियम में हॉकी इंडिया लीग का आगाज 25 जनवरी को हुआ था। स्टेडियम में दस हजार से अधिक दर्शकों के बैठने की क्षमता है।
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ट्राइसिटी में ओलंपिक तर्ज पर बनी ब्ल्यू टर्फ पर पहली बार दे दना दन स्टाइल में हॉकी मुकाबलों का आयोजन किया गया। इसमें देश और विदेशों के बेहतरीन हॉकी खिलाड़ियों ने इन मुकाबलों में हिस्सा लिया।
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मोहाली में हॉकी इंडिया लीग के पांच मुकाबले खेले गए। इनमें पंजाब की टीम ने दिल्ली वेव राइडर्स, मुंबई मैजीशियंस, कलिंगा लांसर्स, उत्तर प्रदेश विजार्ड्स, रांची राइनोस के साथ मुकाबले खेले।

पंजाब वारियर्स और दिल्ली वेव राइडर्स के बीच उद्घाटन मुकाबले के लिए जोरदार तैयारियां की गई। टिकटों के दाम में वीआईपी टिकट के दाम 500 और जनरल के दाम 200 रुपये रखा गया। इसमें आर्म्ड फोर्स और स्टूडेंट के लिए एंट्री फ्री रखी गई।

दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए बालीवुड अभिनेत्री नरगिस फाकरी की परफोरमेंस भी रखी गई। मोहाली में पांच मैचों में से दो मैचों के बाद दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए बचे तीन मैचों में वीआईपी टिकट के रेट 500 से घटा कर 200 रुपये कर दिए।

इसके साथ ही जनरल टिकट के दाम 200 से कम कर 50 रुपये कर दिए। इसके साथ ही पंजाबी सिंगर भी परफोरमेंस के लिए बुलाए गए। लेकिन, इन सब के बावजूद भी दर्शकों की उपस्थिति कम रही। इससे यह ही कहा जा सकता है कि लाख प्रयास के बावजूद भी लोगों में हॉकी का क्रेज दिन प्रति दिन घट रहा है।


ग्रास रूट लेवल पर आई कमी
शहर में हर साल होने वाले राष्ट्रीय स्कूल खेल होते थे, जिसमें खेलों का मेजबान होता था, लेकिन हर साल इन गेमों की मेजबानी में कमी आई है। पिछले साल हॉकी और क्रिकेट की मेजबानी ली। लेकिन, इस साल तो राष्ट्रीय स्कू ल गेम्स में किसी भी खेल की मेजबानी नहीं मिली। यही नहीं शहर के किसी भी सरकारी स्कूल में अलग से हॉकी का मैदान नही हैं।
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