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जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में नाम चमकाएंगे ट्राइसिटी के दो होनहार
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 28 Nov 2013 11:09 AM IST
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सिटी ब्यूटीफुल के दो होनहार खिलाड़ियों का चयन जूनियर वर्ल्ड कप के लिए भारतीय हॉकी टीम में हुआ है। गुरजिंदर सिंह और हरजोत चंडीगढ़ की सेक्टर-42 स्थित हॉकी एकेडमी के सदस्य रह चुके हैं।
दिसंबर में दिल्ली में खेले जाने वाले जूनियर वर्ल्ड कप में भाग लेंगे। इसमें 16 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत का पहला मुकाबला हॉलैंड की टीम के साथ खेला जाना है।
गुरजिंदर सिंह और हरजोत इस साल नवंबर से जूनियर वर्ल्ड कप के लिए लगाए गए भारतीय टीम के लिए संभावित खिलाड़ियों के कैंप का हिस्सा ले रहे थे।
चंडीगढ़ हॉकी एकेडमी और इन दोनों युवा हॉकी खिलाड़ियों के कोच गुरमिंदर सिंह ने इनके भारतीय टीम में चुने जानेे पर खुशी जताते कहा कि दोनों काफी प्रतिभाशाली हैं।
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उन्होंने कहा उन्हें उम्मीद थी कि दोनों भारतीय टीम की अंतिम सूची में जरूर शामिल किए जाएंगे। गुरजिंदर सिंह डिफेंडर के रूप में खेलते हैं वहीं हरजोत गोल कीपर की भूमिका निभाते हैं।
बेहरतरीन प्रदर्शन करेंगे
भारतीय टीम में चुने जाने पर गुरजिंदर सिंह इसे भुनाने की पूरी कोशिश करेंगे। वहीं, हरजोत ने कहा कि कैंप केदौरान काफी कुछ सीखने को मिला है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि मैचों के दौरान भारतीय टीम को जीत दिला सके।
हॉकी एकेडमी के रहे हैं सदस्य
गुरजिंदर सिंह सेक्टर-42 स्थित हॉकी एकेडमी के 2005-2011 तक सदस्य रहे। वहीं, हरजोत 2006 से एकेडमी में चार साल तक सदस्य रहे। यहां पर उन्होंने कोच गुरमिंदर सिंह से हॉकी केदांवपेंच सीखे है।
वर्ल्ड सीरीज हॉकी के रहे हैं हीरो
हरजोत सिंह और गुरजिंदर सिंह ने 2011 में खेली गई वर्ल्ड सीरीज हॉकी में बेहरतीन प्रदर्शन किया था। डिफेंडर के रूप में गुरजिंदर सिंह ने टूर्नामेंट में कुल 16 गोल दागकर टूर्नामेंट को बेस्ट स्कोरर और बेस्ट प्लेयर का अवार्ड भी हासिल किया था। वहीं, हरजोत को 3 मैचों में बेस्ट प्लेयर का अवार्ड मिला था।
आर्थिक रूप से कमजोर घरों से
पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले गुरजिंदर के पिता छोटे स्तर पर खेती करते हैं। वहीं, हरजोत फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है। इसके पिता दूध का व्यवसाय करते हैं। दोनों खिलाड़ियों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इनके परिजनों ने कभी सोचा नहीं था कि उनके बच्चे भारतीय हॉकी टीम में खलेंगे।
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दिसंबर में दिल्ली में खेले जाने वाले जूनियर वर्ल्ड कप में भाग लेंगे। इसमें 16 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत का पहला मुकाबला हॉलैंड की टीम के साथ खेला जाना है।
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गुरजिंदर सिंह और हरजोत इस साल नवंबर से जूनियर वर्ल्ड कप के लिए लगाए गए भारतीय टीम के लिए संभावित खिलाड़ियों के कैंप का हिस्सा ले रहे थे।
चंडीगढ़ हॉकी एकेडमी और इन दोनों युवा हॉकी खिलाड़ियों के कोच गुरमिंदर सिंह ने इनके भारतीय टीम में चुने जानेे पर खुशी जताते कहा कि दोनों काफी प्रतिभाशाली हैं।
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उन्होंने कहा उन्हें उम्मीद थी कि दोनों भारतीय टीम की अंतिम सूची में जरूर शामिल किए जाएंगे। गुरजिंदर सिंह डिफेंडर के रूप में खेलते हैं वहीं हरजोत गोल कीपर की भूमिका निभाते हैं।
बेहरतरीन प्रदर्शन करेंगे
भारतीय टीम में चुने जाने पर गुरजिंदर सिंह इसे भुनाने की पूरी कोशिश करेंगे। वहीं, हरजोत ने कहा कि कैंप केदौरान काफी कुछ सीखने को मिला है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि मैचों के दौरान भारतीय टीम को जीत दिला सके।
हॉकी एकेडमी के रहे हैं सदस्य
गुरजिंदर सिंह सेक्टर-42 स्थित हॉकी एकेडमी के 2005-2011 तक सदस्य रहे। वहीं, हरजोत 2006 से एकेडमी में चार साल तक सदस्य रहे। यहां पर उन्होंने कोच गुरमिंदर सिंह से हॉकी केदांवपेंच सीखे है।
वर्ल्ड सीरीज हॉकी के रहे हैं हीरो
हरजोत सिंह और गुरजिंदर सिंह ने 2011 में खेली गई वर्ल्ड सीरीज हॉकी में बेहरतीन प्रदर्शन किया था। डिफेंडर के रूप में गुरजिंदर सिंह ने टूर्नामेंट में कुल 16 गोल दागकर टूर्नामेंट को बेस्ट स्कोरर और बेस्ट प्लेयर का अवार्ड भी हासिल किया था। वहीं, हरजोत को 3 मैचों में बेस्ट प्लेयर का अवार्ड मिला था।
आर्थिक रूप से कमजोर घरों से
पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले गुरजिंदर के पिता छोटे स्तर पर खेती करते हैं। वहीं, हरजोत फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है। इसके पिता दूध का व्यवसाय करते हैं। दोनों खिलाड़ियों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इनके परिजनों ने कभी सोचा नहीं था कि उनके बच्चे भारतीय हॉकी टीम में खलेंगे।