मिशन ओलंपिक के लिए गोल्फ की तैयारियां शुरू
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2016 में रियो डी जेनेरियो में होने ओलंपिक गेम्स में गोल्फ को शामिल किए जाने के बाद सिटी ब्यूटीफुल में इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। मिशन ओलंपिक के लिए चंडीगढ़ गोल्फ क्लब ने कमर कस ली है।
इसके लिए ग्रास रूट से गोल्फर्स की प्रतिभा निखारने का काम शुरू हो गया है। सिटी में चंडीगढ़ गोल्फ क्लब और सीजीए रेंज हैं। चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के प्रधान बीएस गिल के अनुसार गोल्फ को प्रमोट करने के लिए क्लब में कई तरीके की योजनाएं बनाई जा रही हैं।
इसके लिए बच्चों में गोल्फ के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए समय-समय पर कैंप का आयोजन किया जाता है। इनके अनुसार देश में अगर गोल्फ को आगे बढ़ाना है तो ग्रास रूट लेवल से ही खिलाड़ियों को तैयार करने की जरूरत है।
स्कूलों से तराशे जाएं खिलाड़ी
बीएस गिल के अनुसार स्कूल लेवल से ही बच्चों को गोल्फ की कोचिंग देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए कई स्कूलों के प्रिंसिपलों को लेटर भेजे गए हैं। स्कूली बच्चों को अभी से अगर गोल्फ सीखने को मिलेगा, तभी आगे चलकर वह इसे कैरियर के रूप में अपना सकेंगे।
निशुल्क सुविधाएं भी हैं उपलब्ध
बीएस गिल के अनुसार कई बच्चे जो गोल्फ स्टिक नहीं खरीद पाते, उन्हें खेलने के लिए गोल्फ क्लब निशुल्क गेंद और स्टिक उपलब्ध करवाता है।
कड़ी मेहनत की जरूरत है खिलाड़ियों को
अंतरराष्ट्रीय गोल्फर हरमीत काहलों के अनुसार मिशन ओलंपिक के लिए अभी से काम करने की जरूरत है। इनके अनुसार अंडर 6, 10, 14 वर्ग के गोल्फर्स पर कड़ी मेहनत की जरूरत है।
हरमीत ने बताया कि पिछले साल एक 14 वर्षीय विदेशी खिलाड़ी ने यूएस ओपन में शिरकत की थी। इंडिया में भी ऐसा हो सकता है। इसके लिए युवाओं को गोल्फ के प्रति आकर्षित करना होगा। चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में समय-समय पर स्कूली बच्चों के लिए कैंप का आयोजन किया जाता है।