{"_id":"8348b4f94fd16283100ccad7657bc7de","slug":"fraud-in-sports-department-uttarakhand-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल विभाग में अफसरों की इशारों पर चल रहा 'खेल'","category":{"title":"Sports Archives","title_hn":"खेल आर्काइव","slug":"sports-archives"}}
खेल विभाग में अफसरों की इशारों पर चल रहा 'खेल'
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 20 Aug 2014 11:54 AM IST
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खेल विभाग में शासन स्तरीय अफसरों के इशारों पर खेल हो रहा है। खेल सचिव के मौखिक आदेश पर टिहरी हाउस में न सिर्फ बैडमिंटन कोच की तैनाती की गई है, बल्कि उसे प्रशिक्षित कोचों से अधिक मानदेय दिया जा रहा है।
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सूचना का अधिकार के तहत पता चला सच
इसका खुलासा हुआ है सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से। जिला खेल विभाग ने 13 सितंबर 2013 को अभिषेक बहुगुणा को टिहरी हाउस में बैडमिंटन कोच नियुक्त कर स्पोर्ट्स कॉलेज को मानदेय देने का पत्र लिखा।
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इसके लिए खेल सचिव अजय प्रद्योत ने जिला खेल कार्यालय को मौखिक रूप से आदेश दिए थे। यही नहीं, रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज से कोच को दस हजार मानदेय देने की स्वीकृति भी सचिव ने दी है।
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यही नहीं, 31 जनवरी 2014 को गुपचुप तरीके से कोच की सेवा अवधि एक साल बढ़ा दी गई। लेकिन यह कोच टिहरी हाउस में किसे बैडमिंटन सिखा रहा है, यह खेल विभाग नहीं जानता है।
जबकि स्पोर्ट्स कॉलेज में इस कोच का चेहरा किसी ने देखा तक नहीं है। सूत्र बताते हैं कि कई वरिष्ठ आईएएस और उनके बच्चों को बैडमिंटन सिखाने के लिए इसे कोच रखा गया है।
- तीन सवाल -
10 हजार मानदेय का आधार क्या?
जिला खेल कार्यालय में संविदा कोचों का मानदेय शासन स्तर पर तय किया गया है। एनआईएस कोच को सात हजार जबकि प्रतियोगिता में खेले कोच को 10 हजार रुपए देने का प्रावधान है।
जबकि टिहरी हाउस में रखे गए कोच का मानदेय किस आधार पर तय किया गया, किसी को मालूम नहीं। यह कोच एनआईएस प्रशिक्षित भी नहीं है।
उपस्थिति स्पोर्ट्स कॉलेज में क्यों?
खेल सचिव के मौखिक निर्देश पर टिहरी हाउस के लिए कोच तो नियुक्त किया गया, लेकिन उसकी उपस्थिति स्पोर्ट्स कॉलेज में दिखाई जाती है।
विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा में अपर सचिव स्तर के अधिकारी बकायदा उपस्थिति का वेरिफिकेशन करते हैं, जबकि स्पोर्ट्स कालेज में न तो बैडमिंटन कोच नियुक्त है और न ही अब तक यह खेल शुरू हुआ है।
कैसे बढ़ गई सेवा अवधि?
जिला खेल विभाग में संविदा कोचों का कार्यकाल मई से फरवरी महीने तक होता है। अप्रैल महीने में विज्ञप्ति के माध्यम से कोचों से आवेदन मांगे जाते हैं।
खेल सचिव ने 31 जनवरी 2014 को ही टिहरी हाउस के कोच का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया, लेकिन इसके लिए न तो कोई विज्ञप्ति जारी की गई और न ही कोई आवेदन मांगे गए।