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अपने गढ़ में ही फुटबॉल का हाल बेहाल

Wed, 26 Nov 2014 11:00 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 26 Nov 2014 11:00 AM IST
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football in dehradun.

फुटबॉल का गढ़ कहलाने वाली देहरादून में ही यह खेल दुर्गति का शिकार है। हाल यह है कि जिले में एक एसोसिएशन तक वजूद में नहीं है।

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14 सालों में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता नहीं
तदर्थ कमेटी बस लीग कराने तक सिमटी हुई है। वहीं जिला एसोसिएशन के चुनाव के लिए कोई पैरवी नहीं हो पा रही।
एसोसिएशन बीते 14 सालों में एक भी राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता देहरादून में नहीं करा सकी है।

जिले में फुटबॉल को आगे बढ़ाने के नाम पर बनी तदर्थ कमेटी भी सिर्फ एक लीग तक सिमट गई है। इस कारण युवा खिलाड़ियों को टीम चयन, प्रतियोगिताओं के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।

दरअसल करीब दो साल पहले जिला फुटबॉल एसोसिएशन के चुनाव को स्टेट फेडरेशन ने अमान्य करार दे दिया था। सूत्रों के अनुसार जिला एसोसिएशन में पहली बार स्टटे एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कोई सदस्य नहीं होने के कारण ऐसा किया गया।
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इस कारण उत्तराखंड ओलंपिक संघ ने कुछ समय के लिए तदर्थ कमेटी का गठन कर दिया। जिसमें गुरुचरण सिंह, संदीप शर्मा और एलपी सुंद्रियाल को सदस्य बनाया गया।

मगर पहले साल कमेटी लीग नहीं करा सकी और अब दूसरे साल किसी तरह लीग को आगे खींच रही है। वहीं जिला एसोसिएशन के चुनाव के बारे में गुरुचरण सिंह का कहना है कि हमारा काम तो सिर्फ लीग कराना है।
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चुनाव कराने का अधिकार तो स्टेट एसोसिएशन का है, उसको रिपोर्ट भेज देंगे। वहीं ट्रायल, टूर्नामेंट की जानकारी के संबंध में कमेटी के सदस्य ने अपने हाथ खड़े कर दिए।

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