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खिलाड़ियों को कब मिलेगा भर पेट खाना?
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:40 AM IST
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ठेली पर दो पराठे 25 रुपए के हैं, जबकि चाय 10 रुपए की। हाफ प्लेट राजमा-चावल 20 रुपए में मिलता है, तो शाम को दो रोटी-सब्जी के लिए 30 रुपए चाहिए। यानी 85 रुपए में सिर्फ पेट भर सकता है।
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150 रुपए प्रतिदिन भत्ते के आदेश भी लागू नहीं
लेकिन, खेल विभाग 80 रुपए में खिलाड़ियों को पूरे दिन खाना खिला रहा है, वह भी दावों के अनुसार बेहद पोष्टिक। हालांकि, खिलाड़ियों के लिए 225 रुपए प्रतिदिन डाइट का प्रस्ताव फाइलों में कैद है। वहीं, एक साल पहले जारी हुआ 150 रुपए प्रतिदिन भत्ते के आदेश भी लागू नहीं हो पाया है।
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उत्तराखंड में फुटबॉल, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, बैडमिंटन खिलाड़ियों को तराशने के लिए देहरादून, हल्द्वानी, पौड़ी, अगस्त्यमुनि, कोटद्वार, पिथौरागढ़ में जिला खेल कार्यालय के अंतर्गत खेल छात्रावास खोले गए हैं। खिलाड़ियों के लिए प्रतिदिन 150 रुपए भोजन भत्ते का शासनादेश जारी हो चुका है, लेकिन लागू नहीं हो पाया।
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आज भी हर खिलाड़ी को 80 रुपए के हिसाब से खाना दिया जा रहा है। जिसमें तीन समय का खाने के अलावा दो समय दूध भी दिया जाता है। हफ्ते में तीन दिन चिकन, मटन, फिश और पनीर भी मैन्यू में शामिल है। महंगाई के इस दौर में यह नामुमकिन है।
ऐसे में खिलाड़ी भूख पेट ही मैदान पर मशक्कत करने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों की मानें तो खिलाड़ी को पूरी कैलोरी मिलना जरूरी है। कम भोजन भत्ते की बात को खुद खेल विभाग के कर्मचारी भी स्वीकार करते हैं, लेकिन भोजनालय के लिए निकाली गई निविदा में किसी ठेकेदार के नहीं आने के कारण नया भत्ता लागू नहीं हो सका है।
शासनादेश के अनुसार निविदा प्रक्रिया के बाद ही 150 रुपये भोजन भत्ता दिया जा सकेगा। विभाग 3-4 बार निविदा कर चुका है, लेकिन कोई नहीं आया। अब कोआपरेटिव मैस समिति के तहत नए दाम लागू किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
- अजय अग्रवाल, उप निदेशक खेल