दिल्ली-हरियाणा के सिर सजा चैंपियन का ताज
60वीं राष्ट्रीय विद्यालयी अंडर-17 बालक-बालिका वॉलीबाल टूर्नामेंट का खिताब दिल्ली और हरियाणा ने अपने नाम किया। बालक वर्ग में दिल्ली ने फाइनल जीता, जबकि उपविजेता उत्तर प्रदेश बना। बालिका वर्ग में हरियाणा ने खिताब जीता, जबकि उपविजेता तमिलनाडु बना। उत्तराखंड बालक वर्ग में तीसरे पायदान पर रहा।
पवेलियन ग्राउंड में शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे से तीसरे स्थान के लिए मुकाबले खेले गए। बालक वर्ग में उत्तराखंड का मुकाबला केरल से हुआ। एकतरफा मैच में उत्तराखंड ने 33-31, 25-17, 25-13 से जीत हासिल की। बालिका वर्ग में महाराष्ट्र ने कर्नाटक को 25-23, 25-15, 18-25, 9-25, 15-13 से हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच बालक वर्ग का फाइनल मैच सुबह 11.30 बजे शुरू हुआ। पहले सेट से दिल्ली ने यूपी को बैकफुट पर धकेलते हुए सीधे सेटों में 25-17, 25-19, 25-20 से जीत हासिल की। बालिका वर्ग के फाइनल मैच में हरियाणा ने तमिलनाडु को 27-25, 25-23, 15-25, 25-21 से हराकर खिताब नाम किया।
शिक्षामंत्री ने किया खिलाड़ियों को पुरस्कृत
समापन समारोह में शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी और वालीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया अध्यक्ष अवधेश चौधरी ने टीमों को पुरस्कृत किया। मौके पर शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल, खेल समन्वयक जया नौटियाल, रविंद्र रावत, सुरेंद्र रावत, चंद्रकिशोर नौटियाल आदि थे।
ये मिला पुरस्कार
बालक वर्ग
दिल्ली- 9 हजार रुपये और ट्रॉफी
उत्तर प्रदेश- 7 हजार रुपये और ट्रॉफी
उत्तराखंड- 5 हजार रुपये और ट्रॉफी
बालिका वर्ग
हरियाणा-9 हजार रुपये और ट्रॉफी
तमिलनाडु- 7 हजार रुपये और ट्रॉफी
महाराष्ट्र- 5 हजार रुपये और ट्रॉफी
टूर्नामेंट का हुआ रंगारंग समापन
चाहे जीत हो, चाहे हार हो, खेल पर सबका अधिकार हो...गीत के जरिए करीब दो सौ छात्राओं ने 60वीं राष्ट्रीय विद्यालयी वॉलीबाल प्रतियोगिता के समापन पर खेल के बढ़ावे का आह्वान किया। छह भाषाओं में गीत के माध्यम से बच्चों ने देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरती और महत्व प्रदर्शित कर लोगों का मन मोहा।
राजकीय इंटर कॉलेज कारगी, राबाइका राजपुर रोड, राबाइका अजबपुर और सीएनआई गर्ल्स स्कूल की 200 छात्राओं ने हिंदी, संस्कृत, जौनसारी और नेपाली भाषा में गीतों पर नृत्य किया। राबाइका ब्रह्मपुरी की छात्राओं ने गढ़ नृत्य पेश किया।
नरेंद्र सिंह नेगी के प्रसिद्घ गीत जै भोला जै भगवती नंदा...गीत पर नंदा राजजात का मंचन किया। प्रसिद्घ कुमाऊंनी गीत बेड़ू पाकों बारो मासौ... और मीना राणा के गीत हम उत्तराखंडी छां... पर नन्हे कलाकारों ने दमदार प्रस्तुति दी।