वेंकटेश प्रसाद ने खोले भारतीय पेस बैटरी के राज
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भारत के यह पूर्व तेज गेंदबाज और यूपी रणजी टीम के कोच वेंकटेश प्रसाद इन दिनों देहरादून में यूपी रणजी टीम के कैंप में कोचिंग दे रहे हैं।
वेंकटेश का मानना है कि भारत में पिचें और परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के विपरीत रहती हैं। इस कारण यहां की पिचों पर तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जबकि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में ऐसा नहीं है।
इसलिए अगर किसी भारतीय तेज गेंदबाज को भारत में सफल होना है तो उसे अपनी ताकत स्विंग, स्किल और फिटनेस को बनानी पड़ेगी।
भारतीय कंडीशन चुनौती भरा
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की पत्रकार वार्ता में वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि भारतीय कंडीशन में खुद को साबित करना तेज गेंदबाज के लिए चुनौती भरा है।
पिच और मौसम की कंडीशन देखकर रफ्तार के साथ लेंथ, स्विंग पर भी ध्यान देना जरूरी है। आरपी सिंह ने भारतीय परिस्थितियों में ढलकर बेहतर परफार्म किया है।
हमारी मजबूती स्किल और स्विंग है, जिस पर हम खास मेहनत करते हैं। इस दौरान यूपीसीए डायरेक्टर शोएब अहमद, क्रिकेट एसोसिशन ऑफ उत्तराखंड अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, सचिव पीसी वर्मा, अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी संस्थापक आरपी ईश्वरन, दिनेश शर्मा, कुमार थापा आदि रहे।
कौन कहता है, हमारे गेंदबाजों में रफ्तार नहीं
इंग्लैंड दौरे पर गए टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर मीडियम पेसर प्रवीण कुमार ने कहा कि टीम मजबूत है। इसमें भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी के रूप में अच्छे स्विंग गेंदबाज हैं, तो बिन्नी जैसा ऑलराउंडर।
रफ्तार की कमी के सवाल पर प्रवीण कुमार ने कहा कि कौन कहता है, हमारे पास तेज गेंदबाज नहीं हैं। आरपी सिंह, वरुण एरोन भी तेज गेंद फेंकते हैं और किसी भी परिस्थिति में गेंदबाजी करने में सक्षम भी। टीम का कॉम्बिनेशन अच्छा है। बीते सीजन में भी टीम ने बेहतर परफार्म किया था।
सचिन को न जानने पर हैरानी
‘भारत रत्न’ और महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को मारिया शारापोवा के न जानने वाले बयान पर प्रवीण कुमार ने कहा कि यह हैरानी भरा है। तेंदुलकर खेल का सबसे बड़ा नाम हैं। देश ही नहीं, विदेशों में भी लोग उन्हें पहचानते हैं।