उत्तराखंड की विरासत से सजेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
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देहरादून के रायपुर में बन रहे उत्तराखंड के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहाड़ी शिल्प कला की झलक दिखाई देगी। स्टेडियम में पाषाण (पत्थर) शिल्प कला से दीवारें तैयार की जाएंगी, ताकि पूरी दुनिया उत्तराखंड की शिल्प कला जान सके।
237 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे स्टेडियम का 30 फीसदी काम पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी के दावों के मुताबिक दिसंबर 2015 तक स्टेडियम उत्तराखंड को सौंप दिया जाएगा। स्टेडियम का शिलान्यास 15 नवंबर 2012 को, जबकि भूमि पूजन 24 नवंबर 2013 को किया गया था।
स्टेडियम का नाम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया है। चार माह में स्टेडियम में स्टैंड की नींव पड़ने के बाद ऊपरी मंजिल भी बननी शुरू हो गई है। ईस्ट ब्लॉक में दर्शक दीर्घा का काम करीब 30 फीसदी पूरा है। ड्रेसिंग रूम, वीआईपी स्टैंड का काम भी तेजी से चल रहा है।
निर्माण में लगे 40 इंजीनियर और 500 मजदूर
स्टेडियम के वेस्ट और साउथ स्टैंड की नींव भी भरी जा चुकी है। कार्यदायी संस्था शापूर्जी पालमजी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव बंसोड़ ने बताया कि निर्माण में 40 इंजीनियर और 500 मजदूर लगे हैं। मैदान 78 मीटर परिधि में बन रहा है।
बाउंड्री 68 मीटर की होगी। मैदान के लिए बंगलुरू से बरमूडा घास मंगाई जाएगी। निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के नियम लागू किए जा रहे हैं। तय वक्त पर काम पूरा कर लिया जाएगा।
स्टेडियम में उत्तराखंड की शिल्पकला की झलक दिखाई देगी। यह देश का सबसे सुंदर मैदान बनेगा। दिसंबर 2015 में तैयार कर इसे राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा। 23 एकड़ जमीन पर बन रहे स्टेडियम पर राज्य सरकार का अभी तक करीब 20 करोड़ रुपये का काम हो चुका है। ओएनजीसी से भी जल्द धन मिल जाएगा।
- नीरज गुप्ता, सीओओ, स्टेडियम निर्माण सोसायटी
स्टेडियम पर एक नजर
क्षमता- 25000 दर्शक
पार्किंग- 3000 वाहन
पिच- 5 मुख्य
प्रवेश द्वार- 4
नॉर्थ ब्लॉक- पांच फ्लोर, टीमों का ड्रेसिंग रूम, जिम और कैफेटेरिया, मीडिया बॉक्स, वीआईपी स्टैंड, कॉरपोरेट बॉक्स, फिजियो रूम, ब्रॉडकास्टिंग रूम, कमेंट्री बॉक्स, मीटिंग हॉल।
साउथ ब्लॉक- चार फ्लोर, कॉरपोरेट बॉक्स, क्लब हाउस, कैफेटेरिया।
ईस्ट और वेस्ट ब्लॉक- जनरल सीटिंग, कैफेटेरिया।
30 मिनट में निकलेगा पानी, 8 मिनट में दर्शक
स्टेडियम में सुरक्षा का खास ख्याल रखा जाएगा। राजीव बंसोड़ ने बताया कि मैदान में आपात स्थिति पर 8 मिनट में लोगों को बाहर निकालने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही ड्रेनेज सिस्टम भी अत्याधुनिक है। हैवी बारिश पर भी सिर्फ 30 मिनट में पूरा पानी मैदान से बाहर निकाल दिया जाएगा।
कहीं भी बैठो, दिखेगा पूरा मैदान
स्टेडियम में किसी भी कोने पर बैठने पर दर्शकों को पूरा मैदान दिखाई देखा। खासकर बाउंड्री का हर कोना दर्शक आराम से बैठकर देख सकेंगे।