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पीटी उषा ने खोले राज, कैसे कहलाई वो उड़नपरी
अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 05 Dec 2013 09:44 AM IST
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फेज-4 स्थित स्वामी रामतीर्थ सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए बुधवार का दिन खास रहा। इस दौरान जहां उन्हें स्कूल में ही उड़नपरी पीटी ऊषा से मिलने का मौका मिला।
वहीं, उन्होंने पीटी ऊषा से सवाल-जवाब कर उनके संघर्षमय सफर को भी जाना। कार्यक्रम के आखिर में विद्यार्थियों ने पीटी ऊषा से ऑटोग्राफ लिए एवं उनके साथ फोटो खिंचवाए।
करीब पौने दो बजे पीटी ऊषा ट्रैक सूट पहने हुए स्कूल गेट पर पहुंची। स्कूल बैंड की टीम ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद पीटी ऊषा सीधे विद्यार्थियों के बीच पहुंचीं।
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जहां पर पहले से स्पोर्ट्स वाले विद्यार्थी ट्रैक सूट पहनकर बैठे हुए थे। जिन्हें देख पीटी ऊषा काफी खुश हुईं। ट्रैक सूट पहनने के लिए उन्होंने बच्चों की जमकर तारीफ की।
फिर बच्चों ने उनसे एक-एक करके सवाल पूछना शुरू किए। इसमें अधिकतर सवाल उनके खेल एवं कैरियर से संबंधित थे। जिनका उन्होंने बड़ी सरलता से जवाब दिया।
पीटी ऊषा ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में अब तक करीब 102 के करीब नेशनल एवं इंटरनेशनल मैडल जीते हैं। यह केवल मेहनत और हार्डवर्क से हासिल किए हैं।
उन्होंने बताया कि किसी भी गेम के लिए फिटनेस जरूरी है। फिटनेस रनिंग से आसानी से मिल सकती है। जबकि एथलीट के लिए दौड़ना बड़ा जरूरी है।
ऊषा ने बताया कि 13 साल की उम्र में उन्होंने नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था।
जब उन्होंने खेलना शुरू किया तो कभी नहीं सोचा था कि यहां तक पहुंचेगी। लेकिन कड़े परिश्रम से यह सिलसिला आगे बढ़ता ही चला गया।
उन्होंने बताया कि कार्ल लुईस को वैसे अपना आदर्श मानती है। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल किरण भंडारी एवं डॉयरेक्टर सुजाता शर्मा समेत कई टीचर मौजूद थी
आगे बढ़ने के लिए सबसे बढ़िया मौका
स्कूल में कूह स्पोर्ट्स द्वारा आयोजित किए जाने स्पीडस्टार सीजन दो के प्रमोशन के लिए पहुंची थी। वह कूट स्पोर्ट्स की ब्रांड अंबेसडर भी है।
यह प्रोग्राम 8 दिसंबर को ताऊ देवीलाल स्टेडियम पंकचूला में होगा। प्रोग्राम में चार आयु वर्ग 10, 12, 14 और 16 में 60 व 100 मीटर वर्ग के लिए मुकाबले होंगे।
इस दौरान सबसे 8 तेज धावक चुने जाएंगे। यह प्रतियोगिता देश के 11 शहरों आयोजित की जा रही है। जिन्हें आगे बढ़ने के लिए अच्छी सुविधाएं मिलेगी।
वहीं, उन्हें ऑस्ट्रेलिया में शैरॉन हन्नान से कोचिंग हासिल करने का मौका मिलेगा। इस मौके पर उनके साथ डीएसपी सुनीता रानी भी हाजिर थी।
भारत एथलेटिक में जीते ओलंपिक गोल्ड
भारत ओलंपिक में एथलेटिक गेम्स की श्रेणी में गोल्ड मैडल जीते। अब यहीं उनका सपना है। यह सपना कोई भी देश का खिलाड़ी पूरा करे। उन्हें इससे काफी खुशी मिलेगी।
उन्होंने बताया कि वह भी अपने राज्य में एक स्कूल चलाती है। जहां पर 15 खिलाड़ियों को फ्री में एथलेटिक की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं, सचिन को भारत रतन पुरस्कार दिए जाने पर वह परहेज करती रही।
राजनेता भी गेम्स में बढ़िया
इस मौके उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि सारे लोग एक जैसे ही है। कई राजनेता भी स्पोर्ट्स के क्षेत्र में काफी बढ़िया काम कर रहे हैा।
वहीं, कई खिलाड़ी भी राजनीति के क्षेत्र में बढ़िया काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स में अब भविष्य बनाने के लिए विद्यार्थियों के पास बढ़िया मौके हैं। हर तरफ की सुविधाएं लोगों को आसानी से मिल पा रही है।
मिल्खा सिंह की फिल्म से मिल रही सीख
इस मौके पीटी ऊषा ने कहा कि मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी फिल्म भाग मिल्खा भाग काफी बढ़िया है। इससे युवाओं को काफी कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी फिल्म के लिए ऑफर आया था। लेकिन अभी फिल्म बनाना काफी दूर की बात है।
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वहीं, उन्होंने पीटी ऊषा से सवाल-जवाब कर उनके संघर्षमय सफर को भी जाना। कार्यक्रम के आखिर में विद्यार्थियों ने पीटी ऊषा से ऑटोग्राफ लिए एवं उनके साथ फोटो खिंचवाए।
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करीब पौने दो बजे पीटी ऊषा ट्रैक सूट पहने हुए स्कूल गेट पर पहुंची। स्कूल बैंड की टीम ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद पीटी ऊषा सीधे विद्यार्थियों के बीच पहुंचीं।
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जहां पर पहले से स्पोर्ट्स वाले विद्यार्थी ट्रैक सूट पहनकर बैठे हुए थे। जिन्हें देख पीटी ऊषा काफी खुश हुईं। ट्रैक सूट पहनने के लिए उन्होंने बच्चों की जमकर तारीफ की।
फिर बच्चों ने उनसे एक-एक करके सवाल पूछना शुरू किए। इसमें अधिकतर सवाल उनके खेल एवं कैरियर से संबंधित थे। जिनका उन्होंने बड़ी सरलता से जवाब दिया।
पीटी ऊषा ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में अब तक करीब 102 के करीब नेशनल एवं इंटरनेशनल मैडल जीते हैं। यह केवल मेहनत और हार्डवर्क से हासिल किए हैं।
उन्होंने बताया कि किसी भी गेम के लिए फिटनेस जरूरी है। फिटनेस रनिंग से आसानी से मिल सकती है। जबकि एथलीट के लिए दौड़ना बड़ा जरूरी है।
ऊषा ने बताया कि 13 साल की उम्र में उन्होंने नेशनल गेम्स में हिस्सा लिया था।
जब उन्होंने खेलना शुरू किया तो कभी नहीं सोचा था कि यहां तक पहुंचेगी। लेकिन कड़े परिश्रम से यह सिलसिला आगे बढ़ता ही चला गया।
उन्होंने बताया कि कार्ल लुईस को वैसे अपना आदर्श मानती है। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल किरण भंडारी एवं डॉयरेक्टर सुजाता शर्मा समेत कई टीचर मौजूद थी
आगे बढ़ने के लिए सबसे बढ़िया मौका
स्कूल में कूह स्पोर्ट्स द्वारा आयोजित किए जाने स्पीडस्टार सीजन दो के प्रमोशन के लिए पहुंची थी। वह कूट स्पोर्ट्स की ब्रांड अंबेसडर भी है।
यह प्रोग्राम 8 दिसंबर को ताऊ देवीलाल स्टेडियम पंकचूला में होगा। प्रोग्राम में चार आयु वर्ग 10, 12, 14 और 16 में 60 व 100 मीटर वर्ग के लिए मुकाबले होंगे।
इस दौरान सबसे 8 तेज धावक चुने जाएंगे। यह प्रतियोगिता देश के 11 शहरों आयोजित की जा रही है। जिन्हें आगे बढ़ने के लिए अच्छी सुविधाएं मिलेगी।
वहीं, उन्हें ऑस्ट्रेलिया में शैरॉन हन्नान से कोचिंग हासिल करने का मौका मिलेगा। इस मौके पर उनके साथ डीएसपी सुनीता रानी भी हाजिर थी।
भारत एथलेटिक में जीते ओलंपिक गोल्ड
भारत ओलंपिक में एथलेटिक गेम्स की श्रेणी में गोल्ड मैडल जीते। अब यहीं उनका सपना है। यह सपना कोई भी देश का खिलाड़ी पूरा करे। उन्हें इससे काफी खुशी मिलेगी।
उन्होंने बताया कि वह भी अपने राज्य में एक स्कूल चलाती है। जहां पर 15 खिलाड़ियों को फ्री में एथलेटिक की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं, सचिन को भारत रतन पुरस्कार दिए जाने पर वह परहेज करती रही।
राजनेता भी गेम्स में बढ़िया
इस मौके उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि सारे लोग एक जैसे ही है। कई राजनेता भी स्पोर्ट्स के क्षेत्र में काफी बढ़िया काम कर रहे हैा।
वहीं, कई खिलाड़ी भी राजनीति के क्षेत्र में बढ़िया काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स में अब भविष्य बनाने के लिए विद्यार्थियों के पास बढ़िया मौके हैं। हर तरफ की सुविधाएं लोगों को आसानी से मिल पा रही है।
मिल्खा सिंह की फिल्म से मिल रही सीख
इस मौके पीटी ऊषा ने कहा कि मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी फिल्म भाग मिल्खा भाग काफी बढ़िया है। इससे युवाओं को काफी कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी फिल्म के लिए ऑफर आया था। लेकिन अभी फिल्म बनाना काफी दूर की बात है।