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खिलाड़ी उत्तराखंड के, पदक रेलवे को मिले
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 27 Oct 2014 09:15 PM IST
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खिलाड़ी उत्तराखंड के और चयन भी उत्तराखंड की टीम से, लेकिन पदक गए रेलवे की झोली में। कुछ ऐसा ही देखने को मिला है पहली राष्ट्रीय सीनियर महिला बाक्सिंग चैंपियनशिप में। उत्तराखंड की दो महिला बॉक्सर प्रियंका चौधरी और मोनिका सौन ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण जीता है। मोनिका सौन सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर भी चुनी गई, लेकिन ये पदक उत्तराखंड के नाम दर्ज नहीं हुए।
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सितंबर में उत्तरकाशी में राज्य स्तरीय महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता हुई। इसमें पिथौरागढ़ से मोनिका सौन और काशीपुर से प्रियंका चौधरी ने भी प्रतिभाग किया। अपने-अपने वर्ग में दोनों ने स्वर्ण पदक जीते। प्रदर्शन की बदौलत इनका चयन 11 से 16 अक्तूबर तक छत्तीसगढ़ में हुई पहली बॉक्सिंग इंडिया सीनियर महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ।
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उत्तराखंड की झोली में पदक नहीं आ सके
मोनिका सौन ने पुलिस की पूनम को हराकर खिताब जीता। प्रियंका चौधरी ने त्रिपुरा की प्रिया को मात दी। दोनों की जीत के बावजूद उत्तराखंड की झोली में पदक नहीं आ सके।
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दरअसल, दोनों खिलाड़ी रेलवे में नौकरी करते हैं और प्रतियोगिता से कुछ समय पहले ही दोनों को रेलवे ने वापस अपनी टीम से खेलने को कहा। इस कारण उत्तराखंड से चुनी गई इन खिलाड़ियों ने पदक तो जीता, लेकिन राज्य के खाते में पद नहीं आए।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ी अपने जिलों से खेले थे, इस कारण प्रदेश की टीम में चयन हुआ। आखिरी समय में रेलवे ने दोनों को अपने बैनर से खेलने को कह दिया। दोनों ने प्रदेश का नाम ऊंचा किया है, इसलिए फेडरेशन उन्हें बधाई देता है।
- डा. धर्मेंद्र भट्ट, सचिव (उत्तराखंड बॉक्सिंग एसोसिएशन)