उत्तराखंड के 12 खिलाड़ियों पर लगा 3 साल का बैन
राष्ट्रीय खेल-2015 में मैदान पर न उतरने पर उत्तराखंड के सीनियर पुरुष वॉलीबाल टीम के खिलाड़ियों पर गाज गिर गई है। वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उत्तराखंड की टीम में शामिल सभी 12 खिलाड़ियों पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रतिबंधित टीम का कोई भी खिलाड़ी इस अवधि में किसी भी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय या क्लब स्तरीय प्रतियोगिता में नहीं खेल सकेगा। भारतीय ओलंपिक संघ के पत्र के बाद वालीबाल फेडरेशन ने रविवार को यह कार्रवाई की।
केरल में राष्ट्रीय खेलों के तहत नौ फरवरी से केरल के कालीकट में वालीबाल प्रतियोगिता की शुरुआत हुई थी। उत्तराखंड की टीम का पहला मुकाबला राजस्थान से था। इस मुकाबले में उत्तराखंड के खिलाड़ी कोर्ट पर नहीं उतरे। इसके पीछे क्लब चैंपियनशिप में ओएनजीसी की टीम को एंट्री न मिलना वजह बताई गई।
मैदान में न उतरने से उत्तराखंड हुआ था शर्मसार
उत्तराखंड की टीम में शामिल खिलाड़ी ओएनजीसी के ही थे। निर्धारित समय तक मैदान में नहीं उतरने के कारण राजस्थान को वाकओवर मिल गया, जबकि उत्तराखंड को प्रतियोगिता से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। आयोजन समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट भारतीय ओलंपिक संघ को दी थी।
शनिवार को ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने भी वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया और उत्तराखंड ओलंपिक संघ को मामले में कारण बताओ नोटिस भेजने के लिए कहा था। रविवार को वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया।
इन पर प्रतिबंध
रंजीत सिंह, रतीश नायर, नवजीत सिंह, राहुल, ललित कुमार, सुखजिंदर सिंह, विनोद नेगी, टी शशिधर, जयदीप संधू, अमनदीप कुमार, विनीत कुमार, विपुल कुमार
चुननी होगी नई टीम
प्रतिबंध सिर्फ खिलाड़ियों पर है, प्रदेश की टीम पर नहीं। ऐसे में उत्तराखंड वालीबाल फेडरेशन को अब विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग के लिए प्रदेश की नई टीम का चयन करना होगा।
पढ़िए, प्रतिबंध पर किसने क्या कहा?
टीम ने गलती जरूर की, उन्हें खेलना चाहिए था। लेकिन इन्हीं खिलाड़ियों ने राज्य को कई मेडल भी दिए हैं। उन्हें इतनी बड़ी सजा नहीं दी जानी चाहिए थी। प्रतिबंध अधिकतम एक साल हो सकता था।
-अरुण सूद, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, वॉलीबाल
राष्ट्रीय खेल में टीम नहीं खेली, जिसके बाद खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगने की बात सुनी जरूर है, लेकिन इस तरह की आधिकारिक जानकारी मुझे अभी नहीं मिली है। सोमवार को ही इसके बारे में पूरी जानकारी मिलने के ही कुछ कह सकेंगे।
-आर कामराज, वरिष्ठ कोच, वॉलीबाल
राज्य हित में सभी को सोचना चाहिए। लेकिन यह वॉलीबाल फेडरेशन का अपना मामला है और खेल विभाग सीधे तौर पर इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अपनी नीति के अनुसार फेडरेशन ने कदम उठाया होगा।
-दिनेश अग्रवाल, खेल मंत्री
प्रतिबंध राज्य या किसी संस्था पर नहीं, उन खिलाड़ियों पर है, जिन्होंने मैदान पर खेल मर्यादा का उल्लंघन किया। उन्हें सजा दी र्गई है। अब ये खिलाड़ी तीन साल तक फेडरेशन से मान्यता प्राप्त किसी भी प्रतियोगिता में नहीं खेल सकेंगे।
-अवधेश चौधरी, अध्यक्ष, वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया और अध्यक्ष, उत्तराखंड वॉलीबाल फेडरेशन