{"_id":"743f433301a01a5e014e84848763b3f0","slug":"baisakhi-sprint-rally-in-chandigarh-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"'रैली को जिंदादिली से जीतना ही मेरा लक्ष्य'","category":{"title":"Sports Archives","title_hn":"खेल आर्काइव","slug":"sports-archives"}}
'रैली को जिंदादिली से जीतना ही मेरा लक्ष्य'
संजीव पंगोत्रा /अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 12 Apr 2014 11:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोटर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेना मेरा शौक ही नही बल्कि जनून है। एंडवेचर स्पोर्ट्स में मोटर स्पोर्ट्स को सबसे बड़ी चुनौती के रूप में जाना जाता है। जो इसे पार कर लेता है तो उसे मंजिल तक पहुंचने में कोई मुश्किल नहीं होती।
यह कहना है सिटी ब्यूटीफुल केटॉप राइडर सन्नी सिद्धू का, जो इन दिनों मुगल रैली को जीतने के लिए कमर कसे हुए है। मुगल रैली से पहले 13 अप्रैल को शहर के पास बैसाखी स्प्रिंट का आयोजन किया जा रहा है।
मोटर स्पोर्ट्स में पिछले बीस सालों से अधिक के अपने कैरियर में सन्नी ने देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित रैलियों में हिस्सा लिया है।
स्नो स्कींग से मोटर स्पोर्ट्स का सफर
सन्नी स्कींग के जूनियर नेशनल के खिलाड़ी थे। वह जम्मू कश्मीर में इस खेल को खेलते थे। इसके बाद एक दिन वह हरी सिंह जोकि शहर में मोटर स्पोर्ट्स में अपने आप में बड़ा नाम हुआ करते थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनके यहां पर रेस में हिस्सा लेने वाली गाड़ियों को देखने के बाद मन में ठान लिया कि मोटर स्पोर्ट्स में अपना कैरियर बनना हैं।
देश में कम युवा ही मोटर स्पोर्ट्स की तरफ आ रहे हैं। इसके बारे में सन्नी ने कहा कि यह मोटर स्पोर्ट्स में जल्दी से स्पांसर नहीं मिलते। कई युवा शुरू में शौकिया तौर पर इसमें हिस्सा लेते है लेकिन जब उनके पैसे खत्म होने लगते है तो वह इससे किनारा कर लेते है।
लाखों रुपये आता है खर्च
रैली में हिस्सा लेने के वाली गाड़ी को मॉडीफाई करवाया जाता है। इसे करवाने में 5-6 लाख केबीच खर्चा आ जाता है। वहीं एक रैली खत्म होने पर हजारों रुपये गाड़ी की मेनटेनेंस पर लग जाते हैं।
ये हैं उपलब्धियां
- डैजर्ट स्ट्रोम को 7 बार जीत चुके हैं।
- साजोबा रैली में 7 बार जीत दर्ज की।
- रेड द हिमालय रैली 3 बार जीतने में सफल रहे।
विज्ञापन
यह कहना है सिटी ब्यूटीफुल केटॉप राइडर सन्नी सिद्धू का, जो इन दिनों मुगल रैली को जीतने के लिए कमर कसे हुए है। मुगल रैली से पहले 13 अप्रैल को शहर के पास बैसाखी स्प्रिंट का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
मोटर स्पोर्ट्स में पिछले बीस सालों से अधिक के अपने कैरियर में सन्नी ने देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित रैलियों में हिस्सा लिया है।
स्नो स्कींग से मोटर स्पोर्ट्स का सफर
सन्नी स्कींग के जूनियर नेशनल के खिलाड़ी थे। वह जम्मू कश्मीर में इस खेल को खेलते थे। इसके बाद एक दिन वह हरी सिंह जोकि शहर में मोटर स्पोर्ट्स में अपने आप में बड़ा नाम हुआ करते थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनके यहां पर रेस में हिस्सा लेने वाली गाड़ियों को देखने के बाद मन में ठान लिया कि मोटर स्पोर्ट्स में अपना कैरियर बनना हैं।
देश में कम युवा ही मोटर स्पोर्ट्स की तरफ आ रहे हैं। इसके बारे में सन्नी ने कहा कि यह मोटर स्पोर्ट्स में जल्दी से स्पांसर नहीं मिलते। कई युवा शुरू में शौकिया तौर पर इसमें हिस्सा लेते है लेकिन जब उनके पैसे खत्म होने लगते है तो वह इससे किनारा कर लेते है।
लाखों रुपये आता है खर्च
रैली में हिस्सा लेने के वाली गाड़ी को मॉडीफाई करवाया जाता है। इसे करवाने में 5-6 लाख केबीच खर्चा आ जाता है। वहीं एक रैली खत्म होने पर हजारों रुपये गाड़ी की मेनटेनेंस पर लग जाते हैं।
ये हैं उपलब्धियां
- डैजर्ट स्ट्रोम को 7 बार जीत चुके हैं।
- साजोबा रैली में 7 बार जीत दर्ज की।
- रेड द हिमालय रैली 3 बार जीतने में सफल रहे।